दुष्कर्म मामले में केंद्रीय मंत्री का विवादित बयान, हो रही अालोचना

नई दिल्ली । देश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध और दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने हैरान कर देने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं रोकी नहीं जा सकतीं।
केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण होती हैं, पर कभी-कभी रोका नहीं जा सकता है। सरकार सब जगह सक्रिय है, कार्रवाई कर रही है। इतने बड़े देश में एक-दो घटनाएं हो जाएं तो बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए।’ केंद्रीय मंत्री के इस बयान का चारो तरफ अालोचना हो रही है।
केंद्रीय मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है, जब उनकी सरकार दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर चारों तरफ से हमला झेल रही है। कठुआ और सूरत में बच्चियों के साथ जघन्य बलात्कार के मामले सामने आए। दोनों ही मामलों में दुष्कर्म के बाद बच्चियों को मार दिया गया।
गौरतलब है कि बच्चियों से दुष्कर्म के दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए केंद्र सरकार ने पॉक्सो कानून में बदलाव करने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार अध्यादेश लेकर आएगी। सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि 12 साल तक की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले में अधिकतम मौत की सजा का प्रावधान करेगी।
अध्यादेश के अनुसार, 16 साल से कम उम्र की लड़की से दुष्कर्म के मामले में, न्यूनतम सजा 10 साल से बढ़कर 20 साल हो गई। वहीं 12 साल से कम उम्र की लड़की के दुष्कर्म के लिए न्यूनतम 20 साल का कारावास या आजीवन कारावास या फिर फांसी तक की सजा भी मुमकिन है। 16 साल से कम उम्र की लड़कियों के दुष्कर्म के दोषियों को अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी। इन मामलों में जांच को 2 महीने में खत्म करना होगा। ट्रायल पूरा करने के लिए 2 महीने का समय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा महिला के दुष्कर्म के मामले में न्यूनतम सजा 7 साल से 10 साल तक, उम्रकैद तक बढ़ाई जा सकती है।
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