बांग्लादेशी और रोहिंग्या को लेकर सरकार चौकन्नी, सीएम ने साफ किया स्टैंड

देहरादून: प्रदेश में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या की बढ़ती संख्या से अब सरकार कुछ चौकन्नी हुई है। खुफिया एजेंसियां को बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर नजर रखते हुए इनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है ताकि इनका चिह्नीकरण किया जा सके।
यही नहीं, मलिन बस्तियों में आकर बसने वाले ये लोग अब सरकारी योजना पर भी दावा ठोकने लगे हैं। इन सबके बीच सरकार ने भी यह साफ किया है कि बस्तियों में रहने वाले ऐसे लोग जो भारतीय नहीं हैं, उन्हें सरकार की ओर से चलाई जा रही आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
एनआरसी को लेकर देशभर में छिड़ी बहस के बीच सियासत गर्म है। ऐसे में राज्य की भाजपा सरकार के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी परोक्ष रूप से इस मुद्दे पर अपना स्टैंड साफ कर दिया है। दरअसल, प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इस संबंध में इंटेलीजेंस एजेंसियां भी लगातार सरकार को इनपुट उपलब्ध कराती रही हैं। हालांकि, इनके आने पर रोक लगाने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बन पाई है।
इन सबके बीच कुछ समय पूर्व विधायक खानपुर कुंवर प्रणव चैंपियन ने एक सनसनीखेज बयान में कहा कि रोहिंग्या हरिद्वार तक पहुंच चुके हैं। उस समय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बात का समर्थन नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने खुफिया एजेंसियों से इसका इनपुट लिया।
सूत्रों की मानें तो इसमें खुफिया एजेंसियों ने प्रदेश में बाहर से आकर अवैध रूप से बसने वालों की जानकारी सरकार को दी। गुरुवार को एक न्यूज चैनल को दिए बयान में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की बाहरी व्यक्तियों को लेकर चिंता झलकती नजर आई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक संप्रदाय व समुदाय विशेष की जनसंख्या तेजी से बढ़ी है। इस मामले में खुफिया एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। वहीं, सूत्रों के अनुसार हरिद्वार के साथ ही अन्य तराई वाले जिलों में खुफिया एजेंसियों ने बस्तियों व झुग्गियों में बाहरी लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट बनाई जा रही है। जिसे शीघ्र ही शासन को भेजा जाएगा।
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