उत्तरकाशी के धराली आपदा के कारण गंगोत्री क्षेत्र से तीर्थयात्रियों का रेस्क्यू जारी

यात्रियों को MI-17, चिनूक और हैली से सुरक्षित पहुँचाया जा रहा मातली, चिन्यालीसौड़ और जौलीग्रांट
मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशन में, आपदा राहत कार्यो में तत्परता से जुटी है देहरादून जिला प्रशासन की टीम
जौलीग्रांट से धराली पहुँचायी जा रही हैं हैवी मशीनरी, राहत सामग्री और जरूरी संशाधन
आकाश ज्ञान वाटिका, शुक्रवार, 8 अगस्त 2025, देहरादून। उत्तरकाशी के धराली में 5 अगस्त की भीषण आपदा के बाद राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर लगातार जारी है। मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशन में धराली आपदा के कारण गंगोत्री क्षेत्र से तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। तीर्थयात्रियों को चिनूक, MI-17 और हैलीकॉप्टर से मातली, चिन्यालीसौड़, सहस्रधारा और जौलीग्रांट लाने के बाद सुरक्षित उनके गंतव्यों के लिए भेजा जा रहा है।
इस दौरान जौलीग्रांट में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम अपर्णा ढौंढियाल एवं विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े नोडल अधिकारी मौजूद थे।
जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम तत्परता के साथ राहत कार्यों में जुटी है। रेस्क्यू कार्यों के लिए सभी आवश्यक संशाधनों को धराली भेजा जा रहा है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से आज चिनूक और MI-17 हैलीकॉप्टर द्वारा जेनसेट, डीजल, साइलेंसर, केवल, रिलायंस जिओ टावर सामग्री, ड्राई एवं फ्रेस राशन, फूड पैकेट्स, वेजिटेबल आदि सामग्री धराली भेजी गई। जरूरत पड़ने पर मोडिफाइड ब्रिज और वर्मा ब्रिज पहुँचाने की तैयारी है। घाटी में कम्युनिकेशन व्यवस्था वहाल करने हेतु शुक्रवार को जिओ टावर की सामग्री के साथ आपरेटर्स की टीम भेजी गई है। हलांकि खराब मौसम के कारण जौलीग्रांट में हैलीकॉप्टरों को उड़ान भरने के लिए काफी इतंजार करना पड़ा। मौसम साफ होने पर जौलीग्रांट से जरूरी रेस्क्यू सामग्री और रसद भेजी गई।
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