Breaking News :
>>रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का नया पोस्टर जारी>>महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष फोकस वाला बजट- रेखा आर्या>>ऐतिहासिक और समावेशी बजट से प्रदेश के विकास को मिलेगी नई गति- कृषि मंत्री गणेश जोशी>>अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन किया सील>>सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ़ कालेज में वार्षिक खेल-कूद प्रतियोगिता का आगाज, “नशे को ना और खेल को हाँ” का संदेश>>कृषि विभाग में अनियमितताओं के प्रकरण में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिए जाँच के आदेश>>नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्यपाल के अभिभाषण को बताया निराशाजनक और दिशाहीन>>‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत, दूरस्थ महिलाओं को न्याय दिलाने की बड़ी पहल>>मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹ 1.11 लाख करोड़ का बजट>>इंडोनेशिया में बड़ा हादसा, भारी बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर ढहा, 5 लोगों की मौत>>कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी>>गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प>>आलिया भट्ट की आगामी फिल्म ‘अल्फा’ का पोस्टर जारी, रिलीज डेट का भी हुआ एलान>>पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : एस जयशंकर>>टी20 विश्व कप 2026 : भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब किया अपने नाम>>विधानसभा सत्र में योगदान दे रहे कर्मचारियों से मिले मुख्यमंत्री धामी>>आईसीसी टी20 विश्व कप 2026- भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला आज>>फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ का रोमांटिक गाना ‘छाप तिलक सब छीनी’ हुआ रिलीज>>हरिद्वार कार्यक्रम में धामी ने गिनाईं केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां>>सीआईएमएस कॉलेजे में स्टूडेंट कैबिनेट का गठन, नर्सिंग व पैरामेडिकल के हेड बॉय-हेड गर्ल चुने गए
उत्तराखण्डदेहरादून

‘सीएजी रोल इन प्रमोटिंग गुड गर्वनेंस’ विषय पर सेमिनार का आयोजन

राज्यपाल ने “देवभूमि उत्तराखंड : द फेसिनेटिंग कल्चर ऑफ सेंट्रल हिमालय’’ पुस्तक का विमोचन किया 

आकाश ज्ञान वाटिका, बुधवार, 22 नवम्बर 2023, देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने बुधवार को हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र ऑडिटोरियम गढ़ी कैंट में ऑडिट सप्ताह के अवसर पर ‘सीएजी रोल इन प्रमोटिंग गुड गर्वनेंस’ विषय पर आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। यह सेमिनार भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक(सीएजी) की समस्त हितग्राहियों तक पहुँच तथा उनके साथ संस्थान के संबंधों की प्रगाढ़ता के लिए यह सेमिनार आयोजित किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने उप महालेखाकार श्रीमती नेहा मित्तल द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘देवभूमि उत्तराखंड : द फेसिनेटिंग कल्चर ऑफ सेंट्रल हिमालय’’ (Dev Bhoomi Uttarakhand : The fascinating cultures of Central Himalaya) का विमोचन किया। यह पुस्तक उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा, चारधाम यात्रा और यहां के स्थानीय समुदायों के रहन-सहन पर केंद्रित है। राज्यपाल ने इसके लिए लेखिका को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

सेमिनार को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सुशासन के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में लोक प्रशासन को अधिक जिम्मेदार तथा पारदर्शी बनाने में ऑडिट की महत्वपूर्ण भूमिका है। पिछले कुछ वर्षों में इस संस्थान ने अपने आप को आलोचक से सुशासन का सूत्रधार बनाया है। संस्थान की छवि गलती खोजने की कवायद के रूप में नहीं बल्कि यह संस्थान सुशासन सुनिश्चित करने में एक मूल्यवर्धक भागीदार बन गया है।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने में ऑडिटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऑडिटर गलत कार्यों को गलत बताने में कोई हिचकिचाहट नहीं करते, जो उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि हमें टेक्नोलॉजी और एआई की सहायता से संस्थाओं में बुरी और भ्रष्टाचार जैसी आदतों के साथ-साथ बिचौलियों को अप्रासंगिक बनाना होगा। राज्यपाल ने कहा कि हाल के कुछ वर्षों में डिजिटल प्रणाली के उपयोग से यह सभी संभव हो पाया है।

राज्यपाल ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सीएजी सहित अन्य संस्थानों को अपना योगदान देना होगा। उन्होंने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि सीएजी देश एवं विदेशों में भी अपनी भूमिका का निर्वहन बखूबी रूप से कर रहा है। राज्यपाल ने वित्तीय संसाधनों के समुचित प्रयोग की दिशा में सीएजी द्वारा आधुनिक डाटा तकनीकों के प्रयोग तथा एआई के अनुप्रयोगों से गहन डाटा विश्लेषण करने तथा उसका लेखा परीक्षा के दौरान इस्तेमाल करने की सराहना की।

सेमिनार के आरम्भ में प्रधान महालेखाकार प्रवीन्द्र यादव ने स्वागत भाषण में सीएजी के कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि नए भारत के बदलते स्वरुप के साथ लेखापरीक्षा की प्रणाली में भी सकारात्मक बदलाव आये हैं। महालेखाकार राजीव कुमार सिंह ने सीएजी के देहरादून स्थित चार कार्यालयों की भूमिका एवं उपलब्धियों को रेखांकित किया।

मुख्य सचिव डॉ० एस.एस. संधु ने राज्य के वित्तीय संसाधनों के समुचित प्रयोग में लेखा परीक्षा के महत्व पर बल दिया। अपर मुख्य सचिव सुश्री राधा रतूड़ी ने महालेखाकार के हकदारी सम्बन्धी क्रियाकलापों के महत्त्व पर प्रकाश डाला और सामान्य भविष्य निधि खातों के रख-रखाव के कम्प्यूटरीकरण को सराहनीय कदम बताया। उन्होंने भविष्य निधि खातों से संबंधित जानकारी के लिए टोल फ्री नम्बर जारी करने का अनुरोध किया। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने सुझाव दिया कि व्ययों की लेखापरीक्षा के दौरान नियमों के साथ-साथ उसके लक्ष्यों एवं उपयोगिता पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। भारतीय वन सर्वेक्षण के महानिदेशक अनूप सिंह ने वनों के प्रबंधन में लेखा परीक्षा की महत्ता बताते हुए अपने अनुभवों को साझा किया।

सम्मेलन में राज्य तथा केन्द्र सरकार के कई शीर्ष अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर निदेशक सुश्री मीना बिष्ट, वरिष्ठ उप महालेखाकार डॉ० काव्यदीप जोशी, उप-निदेशक अनुपम जाखड़, उपमहालेखाकार तुषार कैन, उपमहालेखाकार मुकेश कुमार के साथ विभाग के सभी अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद रहे।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!