Breaking News :
>>देहरादून में एसआईआर के बाद 39,92 मतदाता बढ़े, अंतिम सूची जारी>>जिलाधिकारी ने निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा कर नोडल अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश>>सीडीओ अभिनव शाह ने विकासनगर के चार गांवों में पहुंचकर किया फसल का स्थलीय निरीक्षण, किसानों से संवाद कर जानीं समस्याएं>>भूमियाधार में 70 मीटर गहरी खाई में गिरी स्कॉर्पियो, एक की मौत; चार घायल>>विकास के साथ अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर रहा उत्तराखण्डः सीएम धामी>>लॉन्ग वीकेंड पर उमड़ी भारी भीड़, कैंची धाम और पहाड़ों की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए विशेष निर्देश जारी>>हथनी पर्वत की 80 मीटर गहरी खाई में गिरने से व्यक्ति की मृत्यु, SDRF ने बरामद किया शव>>कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के प्रयासों से भीमताल विधानसभा में विकास को मिली रफ्तार, 7 पुलों के लिए ₹8.74 करोड़ स्वीकृत>>गो पालन योजना का दायरा बढ़ा, अब सामान्य वर्ग के पशुपालक भी होंगे लाभान्वित>>एसएसपी दून के निर्देशों पर प्रतिष्ठानों की सुरक्षा ऑडिट के लिए दून पुलिस ने चलाया अभियान>>सेवा, सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता, जन-जन तक पहुंच रही सरकार- हेमंत द्विवेदी>>ल्वाली से घीड़ी तक क्षेत्र भ्रमण पर निकली जिलाधिकारी, विकास कार्यों और व्यवस्थाओं का लिया जायजा>>सहस्त्रधारा में 50 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने त्वरित रेस्क्यू कर तीनों घायलों को निकाला सुरक्षित>>सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया>>कांग्रेस पार्षद ने उठाया खौफनाक कदम, फंदे से लटककर की आत्महत्या>>सरस फूड फेस्टिवल में दिखेगा देशभर की महिलाओं के हुनर और स्वाद का संगम>>बेडरूम में रखें ये पौधे, कमरे का माहौल रहेगा शांत और नींद के लिए बनेगा बेहतर वातावरण>>अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, खिड़कियां टूटीं, पुजारी-श्रद्धालु थे अंदर>>Mental Health Tips: आपकी ये छोटी-छोटी आदतें धीरे-धीरे बन सकती हैं मानसिक तनाव की वजह, आज ही करें सुधार>>‘दृश्यम 3’ की धांसू ओपनिंग, पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर की इतने करोड़ की कमाई
उत्तराखण्ड

संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री

उत्तराखण्ड में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ शुरू

प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया।
योजना के माध्यम से प्रदेश के राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत के साथ सही दिशा, बेहतर रणनीति, अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास भी आवश्यक है। विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली युवा आर्थिक परिस्थितियों, उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी के कारण अच्छे कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। राज्य सरकार ने तय किया है कि संसाधनों की कमी अथवा आर्थिक तंगीं किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में बाधा नहीं बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। राज्य का युवा मेहनती, प्रतिभाशाली और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। आवश्यकता उसकी प्रतिभा को सही दिशा, बेहतर मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। बीते 5 वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना नहीं है। सरकार चाहती है कि उत्तराखण्ड का युवा नौकरी मांगने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने। इसी दिशा में स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन बढ़ा है। आज अनेक युवा गांवों की ओर लौटकर व्यवसाय, कृषि-बागवानी, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों से जुड़े उद्यमों के माध्यम से स्वरोजगार के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने में भी सक्रिय भागीदार बना रही है। इसी सोच के साथ प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन कर उनके विचार और सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आशाओं, आकांक्षाओं और रोजगार से जुड़े विषयों पर विशेष रूप से कार्य करने के लिए राज्य में अलग ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा। सरकार चाहती है कि युवा केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी न बनें, बल्कि प्रदेश की नीति और विकास की दिशा तय करने में भी सक्रिय भागीदार बनें।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत और लगन से कार्य करें। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन, मार्गदर्शन और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और संकल्प के बल पर नई ऊंचाइयां प्राप्त करेंगे तथा उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के बीच जाकर उनसे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों, भविष्य के लक्ष्यों और आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्र-छात्राओं में भी विशेष उत्साह दिखाई दिया।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन सुलभ होगा। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचे और वे इसका लाभ उठा सकें।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष से छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे। प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में डिजिटल शिक्षा को भी लगातार विस्तार दिया जा रहा है और ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को लगभग 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने योजना से जुड़े कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा करते हुए कहा कि वे इसे केवल व्यावसायिक दायित्व न मानकर व्यक्तिगत एवं सामाजिक दायित्व के रूप में भी लें। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन, नियमित संवाद और प्रत्येक विद्यार्थी की आवश्यकता के अनुरूप सहयोग उनकी तैयारी और आत्मविश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्य सचिव ने युवाओं से उपलब्ध अवसर का पूरा लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प आवश्यक है। राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों और अवसरों का बेहतर उपयोग कर युवा अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ें।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन, डॉ. जयपाल चौहान, सचिव उच्च शिक्षा डॉ.बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव मनमोहन मैनाली एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

Loading

error: Content is protected !!