Breaking News :
>>गंगोत्री धाम की यात्रा ने रचा इतिहास,पहली बार पहुंचे 7.84 लाख से अधिक श्रद्धालु>>पर्यटन मंत्री महाराज ने किया राजकीय जागड़ा मेले का शुभारंभ>>सीएम धामी ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा—युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य के निर्माता>>मैं हिंदी हूँ……….>>काम मांगो अभियान से रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ मोर्चा>>अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच>>लोहाघाट के किसान जीवन खर्कवाल ने आधुनिक बागवानी में पेश की मिसाल>>कुमेरिया में डंपर हादसा: गहरी खाई से SDRF ने बरामद किया चालक का शव>>लंबे समय तक तेज बुखार के साथ कमजोरी और पेट दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है टायफाइड>>अनुराग कश्यप लंबे समय बाद बच्चों के लिए ला रहे फिल्म ‘लिटिल थॉमस’, 23 अक्टूबर को होगी रिलीज>>ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन: ब्रेकथ्रू हुई 10 किमी लंबी दूसरी सबसे बड़ी टनल>>ग्रास्टनगंज, कुम्भीचौड़ एवं सनेह-लालपानी में 2.64 किमी मोटर मार्गों का होगा कायाकल्प- ऋतु खण्डूड़ी भूषण>>बीकेटीसी बोर्ड बैठक में अहम फैसले, द्वितीय चरण की चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज>>जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के निधन से शोक की लहर,मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुःख>>गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति मामले पर सियासत तेज, हाईकोर्ट के आदेश को लेकर आमने-सामने आए मंत्री और याचिकाकर्ता>>केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों का एसपी ने लिया जायजा, रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक किया निरीक्षण>>केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत>>चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, सीसीटीवी और भीड़ प्रबंधन पर बीकेटीसी का फोकस>>ग्वीनखाल इंटर कॉलेज में किशोर-किशोरियों को पॉक्सो एक्ट और नशे से बचाव की दी जानकारी>>प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया और इथियोपिया के प्रधानमंत्रियों से की मुलाकात
उत्तराखण्डताज़ा खबरें

कुमाऊँ में होली की धूम चरम पर

आकाश ज्ञान वाटिका। सोमवार, 17 फ़रवरी, 2020, हल्द्वानी। कुमाऊँ की होली दुनिया भर में प्रसिद्ध है ,जो अपनी सांस्कृतिक विशेषता के लिए पूरे देश में जानी जाती है। कुमाऊँनी होली प्रदेश के साथ ही प्रवासी लोग हर जगह बड़े धूमधाम से मनाते हैं. जिसकी झलक महानगरों में भी देखने को मिल जाती है।

हल्द्वानी में आयोजित महिला होली में महिलाओं ने स्वांग के जरिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता भारत अभियान और शराब को लेकर संदेश दिए। कई जगहों पर महिलाओं ने नेताओं का स्वांग कर समाज में बढ़ रहे भ्रष्टाचार पर भी चोट की। दूसरी तरफ होली के परंपरागत गीत जैसे “होली खेले अवध में रघुवीरा”, “शिवजी ढूंढ रहे हैं पर्वत पर अपनी गौरा जी के संग”, “जल कैसे भरूं जमुना गहरी”, “मेरो रंगीलो देवर घर ऐ रो छौ” के अलावा बृज की होली मस्ती से महिलाएं झूमती नजर आईं।

संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए हल्द्वानी में जगह-जगह बैठकी होली का आयोजन किया जा रहा है। होली में अभी 20 दिनों से अधिक का समय बचा है, लेकिन कुमाऊं में होली अपने चरम पर है। हर तरफ होली की माहौल है। जगह-जगह महिलाओं की टोलियां खड़ी और बैठकी होली के साथ-साथ स्वांग के जरिए लोगों को संदेश भी दे रही हैं। होली की परंपरागत परिधान में अबीर, गुलाल लगाए महिलाओं का देखते ही बनता है। साथ ही नई पीढ़ी को उनकी उत्तराखंड की संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। होलियारों महिलाओं का कहना है कि होली रंगों का त्योहार है। इस त्योहार को हर किसी को मनाना चाहिए और हर राग द्वेष को भूलकर प्रेम से होली का आनंद लेना चाहिए।

होली हमें अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़े रखती है। आने वाले पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति के बारे में सीखने का मौका मिलता है। यही एक कोशिश है कि पारंपरिक तरीके से होली मनाने के तरीकों को अपनाया जाए, जिससे अपनी संस्कृति को जिंदा रखा जा सके। गौर हो कि भले ही प्रवासी लोग अपने क्षेत्र से बाहर रहते हो, लेकिन होली का पर्व वे अपने तौर-तरीके से ही मनाते हैं। जिसका आगाज होते ही वे मस्ती में झूमते दिखाई देते हैं। वर्षों से चली आ रही पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चंपावत की खड़ी और बैठकी होली खासा आकर्षण का केन्द्र रहती हैं। रात में श्रृंगार और वीर रस से संबंधित होलियों का गायन होता है।

कुमाऊँ में होली में रात को कभी आलू तो कभी सूजी होल्यारों को परोसी जाती है। इसमें लोग सामूहिक रूप से रंग-बिरंगे कपड़ों की चीर बांध परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। पौष मास के पहले रविवार से बैठकी होली की शुरू होती है। जिसमें इसमें पुरुष एक दूसरे के आंगन में बैठकी होली का गायन करते हैं। जिसमें रंगों से नहीं रागों से मनाई जाती है, जो परंपरा अतीत से चली आ रही है। होलियारे समूहों में लोकगीतों में पारंपरिक नृत्य करते हैं। वहीं महिलाएं बसंत पंचमी के दिन से शुरू होने वाली बैठकी होली में भाग लेती हैं। बता दें कि बैठकी होली बसंत पंचमी के दिन से शुरू हो जाती है, और इस में होली पर आधारित गीत घर की बैठक में राग- रागनियों के साथ हारमोनियम और तबले पर गाए जाते हैं. इन गीतों में मीराबाई से लेकर नजीर और बहादुर शाह जफर की रचनाएं सुनने को मिलती हैं।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!