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हिन्दी पत्रकारिता का सुदृढ़ एवम् परिपक़्व स्वरूप

हिन्दी पत्रकारिता दिवस हर साल 30 मई को मनाया जाता है। सर्वप्रथम 30 मई 1826 में पंडित युगल किशोर शुक्ल द्वारा हिन्दी समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड के प्रकाशन का शुभारम्भ किया था।

आज हिन्दी पत्रकारिता का स्वरूप  काफी विकसित हो गया है और बर्चस्व कायम है । सामाजिक, राजनीतिक के साथ ही हिन्दी पत्रकारिता का दबदबा आज हर क्षेत्र में दिखाई देता है।

हिन्दी पत्रकारिता की कहानी भारतीय राष्ट्रीयता की कहानी है। हिन्दी पत्रकारिता के आदि उन्नायक जातीय चेतना, युगबोध और अपने महत् दायित्व के प्रति पूर्ण सचेत थे। कदाचित् इसलिए विदेशी सरकार की दमन-नीति का उन्हें शिकार होना पड़ा था, उसके नृशंस व्यवहार की यातना झेलनी पड़ी थी। उन्नीसवीं शताब्दी में हिन्दी गद्य-निर्माण की चेष्टा और हिन्दी-प्रचार आन्दोलन अत्यन्त प्रतिकूल परिस्थितियों में भयंकर कठिनाइयों का सामना करते हुए भी कितना तेज और पुष्ट था इसका साक्ष्य ‘भारतमित्र’ (सन् 1878 ई, में) ‘सार सुधानिधि’ (सन् 1879 ई.) और ‘उचित वक्ता’ (सन् 1880 ई.) के जीर्ण पृष्ठों पर मुखर है।

वर्तमान में नये कलेवर के साथ सुदृढ़ एवं परिपक्व हो चुकी हिन्दी पत्रकारिता ने अंग्रेजी पत्रकारिता के दबदबे को खत्म कर दिया है। पहले देश-विदेश में अंग्रेजी पत्रकारिता का चलन चरम पर था लेकिन आज हिन्दी भाषा का झण्डा चंहुदिश लहरा रहा है। ३० मई को ‘हिन्दी पत्रकारिता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

“समस्त पत्रकार बन्धुओं को हिन्दी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें एवं बहुत बहुत बधाई ।”………. घनश्याम चन्द्र जोशी

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Ghanshyam Chandra

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