ग्राफिक एरा ग्लोबल स्कूल की अभिनव पहल : भविष्य की शिक्षा के लिए शिक्षकों को AI से कर रहा सशक्त

AI Learning Day में जनरेटिव AI, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और जिम्मेदार AI के उपयोग पर दिया प्रशिक्षण
आकाश ज्ञान वाटिका, शनिवार, 29 अगस्त 2026, देहरादून। ग्राफिक एरा ग्लोबल स्कूल, देहरादून में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और उन्हें भविष्य की शिक्षण पद्धतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक दिवसीय विशेष कार्यशाला “AI Learning Day : Empowering Educators for the Future” का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय “स्मार्ट शिक्षण, रचनात्मक अधिगम और जिम्मेदार नवाचार” रहा। इसमें देहरादून के प्रतिष्ठित विद्यालयों के शिक्षकों के साथ मेजबान विद्यालय के शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें कक्षा-कक्ष में इसके प्रभावी, व्यावहारिक और जिम्मेदार उपयोग के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना था। पूरे दिन चले इस कार्यक्रम में शिक्षकों को जनरेटिव AI टूल्स, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, AI आधारित शिक्षण सामग्री तथा डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार त्रेहन ने की। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी दौर में शिक्षकों का तकनीकी रूप से सक्षम होना समय की आवश्यकता है। AI का प्रभावी उपयोग न केवल विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बना सकता है, बल्कि शिक्षकों के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों को भी अधिक सरल और प्रभावी बना सकता है।
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने शिक्षकों को AI के अलग-अलग पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी दी।
कार्यशाला के प्रमुख सत्र एवं विशिष्ट वक्ता
👉 AI को सरलता से समझना : ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के CSE विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरुण चौहान ने मशीन लर्निंग की मूलभूत अवधारणाओं तथा Large Language Models (LLMs) के विकास और क्रमिक परिवर्तन की जानकारी दी।
👉 Copilot, Google Gemini और Canva AI सहित विभिन्न दैनिक उपयोगी AI टूल्स का प्रदर्शन किया और बताया कि इनका उपयोग शिक्षण कार्यप्रवाह को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किस प्रकार किया जा सकता है।
👉 RACE Framework के माध्यम से Prompt Engineering : चित्रांश बोस, AI शोधकर्ता, ने प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम निर्माण के लिए सटीक, उद्देश्य-आधारित प्रॉम्प्ट तैयार करने का प्रशिक्षण दिया।
👉 AI Productivity एवं Classroom Resources : AI शोधकर्ता, चित्रांश बोस ने एक इंटरैक्टिव लैब के माध्यम से शिक्षकों को ग्रेडिंग रूब्रिक्स को स्वचालित करने, प्रस्तुतियाँ तैयार करने तथा Bloom’s Taxonomy के अनुरूप शिक्षण-सामग्री विकसित करने के तरीके समझाए।
👉 Responsible AI एवं Ethics : ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर सुश्री गरिमा शर्मा ने विद्यार्थियों की डिजिटल सुरक्षा, AI के नैतिक उपयोग, गोपनीयता के मानकों तथा AI द्वारा उत्पन्न गलत अथवा काल्पनिक जानकारी (Hallucinations) से निपटने के तरीकों पर विशेष जोर दिया।
कार्यशाला के समापन अवसर पर फीडबैक सत्र आयोजित किया गया और प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्रधानाचार्य श्री राजकुमार त्रेहन ने सभी प्रतिभागी शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता और सहयोगात्मक भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिक्षकों को तकनीक के साथ कदमताल करने तथा विद्यार्थियों के लिए अधिक रचनात्मक, प्रभावी और भविष्यपरक शिक्षण वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे।
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