Breaking News :
>>स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान और उनके परिजनों की समस्याओं के निराकरण हेतु हुई अहम बैठक>>मुख्यमंत्री धामी ने ‘वन क्लिक’ से 7.56 लाख पेंशनर्स को जारी की धनराशि>>5 दिवसीय दौरे के लिए असम रवाना हुए कृषि मंत्री गणेश जोशी>>“ऑपरेशन प्रहार” के तहत जुआरियों पर दून पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक>>7 मई को रिलीज होगा ‘बंदर’ का टीजर, मेकर्स ने की घोषणा>>कांवली रोड पर तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से मजदूर की मौत>>कैलाश मानसरोवर यात्रा हुई महंगी, प्रति यात्री खर्च बढ़कर 2.09 लाख रुपये हुआ>>प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं- मुख्य सचिव>>अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं- कुसुम कंडवाल>>खेल सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया हिमाद्री आइस रिंक- रेखा आर्या>>मुख्यमंत्री धामी से मिले कृषि मंत्री गणेश जोशी, मसूरी क्षेत्र के विकास कार्यो पर की चर्चा>>जागेश्वर धाम परियोजना में रोपवे को किया जाए शामिल- मुख्य सचिव>>चालान के नाम पर ₹1.20 लाख की साइबर ठगी, आरोपी गिरफ्तार>>कृषि मंत्री गणेश जोशी से मिले पंतनगर विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति प्रो. शिवेन्द्र कश्यप>>श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का कार्य जल्द शुरू किया जाए- मुख्यमंत्री>>अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ का वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 200 करोड़ के पार>>गढ़वाल राइफल्स के स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने सभी जवानों को दी शुभकामनाएं>>सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश 15 जून तक जारी किए जाएं- सीएम धामी>>पश्चिम बंगाल और असम में खिला भाजपा का कमल, पुडुचेरी में NDA ने मारी बाजी>>ऋषिकेश में अवैध निर्माण पर एमडीडीए का बड़ा एक्शन, बहुमंजिला इमारत सील
उत्तर-प्रदेशताज़ा खबरें

प्रदेश में कोयले की किल्लत के चलते उत्तर प्रदेश सरकार व्यवस्था को सुधारने के लिए करेगी 10 हजार करोड़ रुपये खर्च

आकाश ज्ञान वाटिका, 13 अक्टूबर 2021, बुधवार,  लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पहले कोयले की किल्लत के चलते उत्तर प्रदेश की पटरी से उतरी बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए राज्य सरकार 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। कोयले के साथ ही एनटीपीसी के बकाए की अदायगी करने के साथ ही इससे पर्याप्त बिजली भी इनर्जी एक्सचेंज से खरीदी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि प्रदेशवासियों को बिजली की अतिरिक्त कटौती से न जूझना पड़े। सभी को शाम छह बजे से सुबह सात बजे के साथ ही पहले की तरह तय शेड्यूल के मुताबिक बिजली मिलती रहे।

दरअसल, 90 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्ज में डूबे पावर कारपोरेशन के सामने गंभीर वित्तीय संकट है। कारपोरेशन प्रबंधन जहां कोयले का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है वहीं एनटीपीसी आदि द्वारा आपूर्ति की गई बिजली का भी बकाया समय से नहीं दे पा रहा है। ऐसे में कोयले के संकट के चलते बिजली की उपलब्धता घटने पर कारपोरेशन प्रबंधन इनर्जी एक्सचेंज की 20 रुपये यूनिट तक बिजली खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इससे प्रदेशवासियों को अतिरिक्त बिजली कटौती से जूझना पड़ रहा है।

चूंकि विधानसभा के आम चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं है इसलिए सरकार अधाधुंध बिजली कटौती से प्रदेशवासियों को नाराज नहीं करना चाहती है। गांव से लेकर कस्बों तक नौ घंटे तक की बिजली कटौती की स्थिति को देखते हुए सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक की। मुख्यमंत्री ने जहां शाम छह बजे से सुबह सात बजे तक प्रदेशभर को बिजली कटौती से मुक्त रखने के निर्देश दिए वहीं शेड्यूल के मुताबिक सभी को बिजली सुनिश्चित करने की भी हिदायत दी है। इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपये भी देने का निर्णय किया गया, इसमें से उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम द्वारा अपने बिजली घरों के लिए खरीदे गए कोयले का ही 1540 करोड़ रुपये का पुराना भुगतान किया जाएगा।

वैसे तो बिजली खरीदने का लगभग 27 हजार करोड़ रुपये का बकाया है लेकिन उसमें से अभी जरूरी भुगतान भी इसी से किया जाएगा। बकाया बढ़ने पर चूंकि एनटीपीसी पहले ही बिजली आपूर्ति ठप करने की चेतावनी दे चुका है, इसलिए उसे एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। उत्पादन निगम व अन्य निजी बिजली घरों का भी कुछ भुगतान किया जाएगा ताकि बिजली मिलती रहे।

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का कहना है कि प्रदेशवासियों को तय शेड्यूल के अनुसार बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गांव को जहां 18 घंटे वहीं तहसील को 21.30 घंटे व बुंदेलखंड को 20 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है। शहर और उद्योग बिजली कटौती से मुक्त हैं।

एक्सचेंज से 20 करोड़ की खरीदी गई मंहगी बिजली : प्रदेशवासियों को शेड्यूल के मुताबिक बिजली देने के लिए पावर कारपोरेशन ने 20 करोड़ रुपये से इनर्जी एक्सचेंज से औसतन 16.50 रुपये प्रति यूनिट की बिजली खरीदी है। कारपोरेशन के अध्यक्ष एम देवराज ने बताया कि कोयले की दिक्कत के चलते पर्याप्त बिजली की उपलब्धता न होने पर एक्सचेंज से बिजली खरीदी जा रही है ताकि शेड्यूल से सभी को बिजली मिल सके। बिजली संकट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि कुछ राज्य इस आपदा में अवसर तलाशते हुए मुनाफाखोरी में लगे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए ऊर्जा कानून में बदलाव की जरूरत है।

कोयले की कमी से 1715 मेगावाट उत्पादन ठप : कोयले की कमी से राज्य में अभी भी 1715 मेगावाट बिजली का उत्पादन ठप है। इसमें विद्युत उत्पादन निगम की हरदुआगंज, पारीछा, अनपरा व ओबरा का ही 950 मेगावाट उत्पादन बंद है। प्रतिदिन 79 हजार टन कोयला खपत वाले इन बिजली घरों के पास एक से दो दिन का ही कोयला है। कोयले को लेकर निगम के प्रबंध निदेशक पी गुरुप्रसाद मंगलवार को केंद्रीय ऊर्जा सचिव आलोक कुमार से भी नई दिल्ली में मिले। ऊर्जा सचिव ने उन्हें आश्वस्त किया कि एक-दो दिन में यूपी को कोयला उपलब्ध करा दिया जाएगा।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!