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पेट रोज साफ नहीं होता? कब्ज समझकर न करें नजरअंदाज, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत

पेट से जुड़ी छोटी-सी परेशानी भी कई बार शरीर की किसी बड़ी समस्या का संकेत हो सकती है। अगर नियमित रूप से पेट साफ नहीं हो रहा है, मल त्याग के दौरान अधिक जोर लगाना पड़ रहा है या कई दिनों तक शौच नहीं हो पा रहा है, तो इसे केवल सामान्य कब्ज मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खानपान और जीवनशैली की गड़बड़ी के अलावा कुछ बीमारियां भी लंबे समय तक कब्ज की वजह बन सकती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कम फाइबर वाला भोजन, पर्याप्त पानी न पीना और शारीरिक गतिविधि की कमी कब्ज के सामान्य कारणों में शामिल हैं। हालांकि, यदि इन आदतों में सुधार के बावजूद समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसके पीछे किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की संभावना को भी समझना जरूरी हो जाता है।

कैसे पहचानें कि कब्ज की समस्या है?

हर दिन मल त्याग न होना ही कब्ज का एकमात्र संकेत नहीं है। मल का कठोर या सूखा होना, शौच करते समय अधिक जोर लगाना, दर्द या परेशानी होना और मल त्याग के बाद भी पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास कब्ज की ओर इशारा कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताह में तीन से कम बार मल त्याग होना भी कब्ज का संकेत माना जा सकता है। कई मामलों में खानपान और दिनचर्या में बदलाव से राहत मिल जाती है, लेकिन लंबे समय तक समस्या बने रहने पर इसके मूल कारण की जांच जरूरी हो सकती है।

डायबिटीज से भी जुड़ी हो सकती है समस्या

लगातार बढ़ा हुआ रक्त शर्करा स्तर शरीर की कई नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। पाचन तंत्र को नियंत्रित करने वाली नसों पर इसका असर पड़ने से आंतों में भोजन और अपशिष्ट पदार्थों की गति धीमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को कब्ज और पेट ठीक से साफ न होने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

इसीलिए यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से मधुमेह है और साथ ही लगातार कब्ज की शिकायत बनी हुई है, तो इसे सामान्य समस्या मानकर लंबे समय तक टालना ठीक नहीं है।

थायरॉइड कम होने पर भी हो सकती है कब्ज

हाइपोथायरायडिज्म यानी थायरॉइड हार्मोन का स्तर कम होने की स्थिति में शरीर की चयापचय प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसका असर पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है और आंतों की गतिविधि कम होने से कब्ज की शिकायत बढ़ सकती है।

इसके अलावा कुछ दवाओं और पोषक तत्वों की गोलियों के सेवन से भी कब्ज की समस्या हो सकती है। इसलिए लंबे समय से कब्ज रहने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होता है।

पेट को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

कब्ज से बचाव के लिए भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाना, पर्याप्त पानी और अन्य तरल पदार्थ लेना तथा नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करना फायदेमंद हो सकता है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

अगर इन उपायों के बावजूद कब्ज लंबे समय तक बनी रहती है, बार-बार होती है या इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो चिकित्सक से सलाह लेकर आवश्यक जांच कराना जरूरी है। इससे कब्ज के पीछे छिपे संभावित कारण का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

नोट: यह लेख उपलब्ध चिकित्सकीय जानकारी और विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी लगातार बनी स्वास्थ्य समस्या के लिए चिकित्सक की सलाह लेना उचित है।

(साभार)

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