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उत्तराखण्ड

डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

नैनीताल : जिले में विकास कार्यों की प्रगति, बजट खर्च और जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को विकास भवन सभागार, भीमताल में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को 31 अक्टूबर तक आवंटित धनराशि का शत-प्रतिशत सदुपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, जिला योजना, राज्य एवं केंद्र पोषित योजनाओं, बीस सूत्रीय कार्यक्रम, मानसून व्यवस्थाओं और सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के साथ शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता कर उसे निस्तारण की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा में सामने आया कि जिले में कुल 237 घोषणाओं में से 227 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 16 घोषणाएं विलोपित हैं और 94 पर कार्यवाही गतिमान है। लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पेयजल, युवा कल्याण और नलकूप विभाग में लंबित घोषणाओं पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

बारिश के बाद चलेगा सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान

मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर जिलाधिकारी ने सभी निर्माण एजेंसियों को अपने-अपने सर्विस एरिया की सड़कों का नियमित रखरखाव करने और प्राथमिकता के आधार पर गड्ढों को भरने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण सड़कों को भी गड्ढामुक्त करने की कार्ययोजना अभी से तैयार करने को कहा। मानसून के बाद विशेष अभियान चलाकर व्यस्त विलेज रोड और ओडीआर मार्गों को प्राथमिकता से दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।

कम बजट खर्च पर अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण

जिला योजना की समीक्षा के दौरान समाज कल्याण, वन, उरेडा, सहकारिता, बाल विकास, प्राथमिक शिक्षा, लघु सिंचाई और राजकीय सिंचाई विभागों द्वारा अपेक्षाकृत कम धनराशि खर्च किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।

भेषज एवं रेशम विभाग के सक्षम अधिकारी बैठक में अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करते हुए शासन को संस्तुति पत्र भेजने के निर्देश दिए।

पेयजल और सिंचाई व्यवस्थाओं पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को मानसून के बाद किसानों की जरूरत को देखते हुए सभी गूलों और नहरों की मरम्मत समय से पूरी करने के निर्देश दिए। जल संस्थान एवं पेयजल विभाग को प्रत्येक पेयजल स्रोत और टैंक की नियमित सफाई तथा टैंकों में क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने को कहा। क्लोरीनेशन की तिथि टैंकों पर अनिवार्य रूप से अंकित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिला पंचायत की धीमी प्रगति और कम धनराशि खर्च होने पर अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत का स्पष्टीकरण लेने तथा नैनीताल में स्थायी अपर मुख्य अधिकारी की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।

बड़ी परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा

जिलाधिकारी ने विधायक एवं सांसद निधि से संबंधित कार्यों की धीमी प्रगति पर ग्राम्य विकास विभाग को संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय कर तेजी लाने के निर्देश दिए। सहकारिता विभाग द्वारा पिछले तीन वर्षों में कराए गए कार्यों का फील्ड सत्यापन कराने के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में 20 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई। इनमें मानसखंड मंदिर माला, कालाआगर पंपिंग योजना, इंदिरानगर नाले का ट्रीटमेंट एवं सीवरेज कार्य, हल्द्वानी-काठगोदाम पेयजल योजना, बलियानाला ट्रीटमेंट, विभिन्न स्थानों पर पार्किंग निर्माण, रोडवेज बस अड्डा तथा हल्द्वानी में यूयूएसडीए के कार्य शामिल रहे। जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र, अपर जिलाधिकारी शौरभ असवाल, सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी सहित जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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