Breaking News :
>>इलाहाबाद हाईकोर्ट से शिक्षामित्रों को झटका: स्पेशल टीईटी में शामिल करने की मांग वाली याचिका खारिज>>सीरिया में यात्री बस पर अंधाधुंध गोलीबारी, 7 लोगों की मौत, 4 घायल>>मुख्यमंत्री धामी ने दिव्यांगजन सिविल सर्विस कोचिंग का किया शुभारंभ>>सीएम योगी ने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाई हरी झंडी, पुलिस सुधारों पर गिनाए सरकार के कदम>>बच्चों का स्वस्थ बचपन ही है प्रदेश के मजबूत भविष्य की नींव- रेखा आर्या>>देहरादून एवं लंढौर कैंट में विकास कार्यों को लेकर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने की बैठक>>एशियन गेम्स 2026- भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 124 रनों से हराकर फाइनल में बनाई जगह>>सारण में बाढ़ का बढ़ा खतरा, 48 गांव प्रभावित; 33 नाव और बोट एंबुलेंस से राहत कार्य जारी>>ज्यादा नींद कहीं बिगाड़ न दे आपकी सेहत, उठते ही सिरदर्द होने के पीछे हो सकते हैं ये कारण>>फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर राहुल गांधी के सवाल, चुनाव आयोग और TCS पर उठाई आपत्ति>>‘तकनीक नहीं, कानून का पालन जरूरी’, एसआईआर प्रक्रिया पर बॉम्बे हाईकोर्ट की चुनाव आयोग को फटकार>>यामी गौतम की ‘नई नवेली’ का ट्रेलर रिलीज, दिखा रहस्य, रोमांच और जबरदस्त एक्शन का तड़का>>त्योहारी सीजन से पहले महंगाई का झटका, फिर महंगा हुआ कमर्शियल गैस सिलिंडर>>राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सुबोध उनियाल की अपील, रक्तदान को बनाएं जनआंदोलन>>एमडीडीए की नई पहचान को मिली रचनात्मक उड़ान, मैस्कॉट-स्लोगन प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित>>स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्तः एएनएम निलंबित, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने के लिए टास्क फोर्स के निर्देश>>बड़ी खबर :शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग एवं अनियमितताओं की शिकायतों पर डीएम का एक्शन>>पितृपक्ष : संस्कार, श्रद्धा और सेवा का पर्व>>काज़ी निज़ामुद्दीन बोले—मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर आवाज उठाएगी>>फर्जी आधार कार्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र से भूमि का विरासतन नामांतरण, कुमाऊं आयुक्त ने दिए जांच के आदेश
राष्ट्रीय

सीएम योगी ने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाई हरी झंडी, पुलिस सुधारों पर गिनाए सरकार के कदम

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को लेकर सरकार के कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उस दौर में कई जिलों में माफिया का प्रभाव था और पुलिस के सामने भी कई चुनौतियां थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व में निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो तो कानून-व्यवस्था को प्रभावी तरीके से संभालना मुश्किल होता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें चारपहिया और दोपहिया वाहन शामिल हैं। इनका इस्तेमाल यातायात निगरानी, सड़क सुरक्षा और पुलिस की प्रवर्तन क्षमता को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

इस मौके पर पुलिसकर्मियों का पदक अलंकरण भी हुआ। मुख्यमंत्री ने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया। कार्यक्रम में पुलिस सुधारों, पुलिसिंग में तकनीक के इस्तेमाल और सड़क सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 2017 के बाद पुलिस सुधारों को आगे बढ़ाने पर काम किया है। उन्होंने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह के पुलिस सुधारों से जुड़े प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने पुलिस व्यवस्था में सुधार लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं।

उन्होंने प्रदेश में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान पुलिसिंग में विचार, साहस और तकनीक के समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही विकास और सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सकता है।

योगी आदित्यनाथ ने पुलिसिंग में तकनीक के इस्तेमाल को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सेफ सिटी परियोजना के तहत लगाए गए कैमरों और जिलों में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, आधुनिक तकनीक पुलिस को अपराध की रोकथाम और घटनाओं की जांच में मदद कर रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एसटीएफ के दिवंगत इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह की वीरता को याद किया। उन्होंने बताया कि सुनील कुमार सिंह को भारत सरकार की ओर से कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के सदस्यों को सम्मानित करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम में 16 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार तथा 10 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं को भी बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए तकनीक और प्रभावी प्रवर्तन जरूरी है। इसी उद्देश्य से अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को पुलिस व्यवस्था में शामिल किया गया है।

कार्यक्रम में रवाना किए गए 87 वाहनों के जरिए यातायात नियमों के पालन, निगरानी और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

Loading

error: Content is protected !!