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उत्तराखण्ड

सहसपुर में फिर शुरू होगी बंद पड़ी सिलाई यूनिट, ग्रामीण महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

आधुनिक मशीनों से लैस होगा सहसपुर का कॉमन फैसिलिटी सेंटर

देहरादून। जिला प्रशासन देहरादून की पहल से सहसपुर में लंबे समय से बंद पड़ी कॉमन फैसिलिटी सेंटर की सिलाई यूनिट को अब दोबारा शुरू किया जा रहा है। आधुनिक मशीनों से लैस इस केंद्र के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी जाएगी, जिससे क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

सहसपुर ब्लॉक के निकट जिला उद्योग केंद्र में वर्ष 2024 में स्थापित की गई सिलाई यूनिट को अब आस्था कलेक्टर लेवल फेडरेशन, सहसपुर ब्लॉक को सौंपा गया है। केंद्र में करीब 25 से 30 आधुनिक सिलाई मशीनें उपलब्ध हैं। योजना के तहत महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें उत्पादन और बाजार से जोड़ा जाएगा।

विभिन्न उत्पाद तैयार करेंगी महिलाएं

शुरुआत में यूनिट का इस्तेमाल ग्रामीण महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण देने के लिए किया जाता था, लेकिन कुछ समय बाद इसका संचालन बंद हो गया। अब जिला प्रशासन ने इसे फिर से सक्रिय करते हुए कॉमन फैसिलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया है। यहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जूट बैग, स्कूल ड्रेस, कार कवर, बाइक सीट कवर समेत कई अन्य उत्पाद तैयार करेंगी।

निजी कंपनियों से ऑर्डर दिलाने की तैयारी

प्रशासन की ओर से महिलाओं के उत्पादों की डिजाइन और गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही निजी कंपनियों से संपर्क कर स्वयं सहायता समूहों को नियमित ऑर्डर दिलाने की तैयारी है। भविष्य में सेलाकुई सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से बड़े स्तर पर बल्क ऑर्डर प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। इससे महिलाओं को लगातार काम मिलने के साथ उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में अहम पहल

जिला प्रशासन का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें उत्पादन, बाजार और नियमित आय से जोड़ना है। आधुनिक मशीनों और बाजार की उपलब्धता से ग्रामीण महिलाएं अपने स्तर पर स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी। प्रशासन को उम्मीद है कि यह केंद्र सहसपुर क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आधुनिक मशीनों का होगा बेहतर उपयोग : सीडीओ

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि सहसपुर का कॉमन फैसिलिटी सेंटर पहले प्रशिक्षण केंद्र के रूप में संचालित हो रहा था। अब इसे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से संचालित किया जाएगा और इसके लिए क्लस्टर का चयन भी कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र में उपलब्ध आधुनिक मशीनों का बेहतर उपयोग होगा और महिलाओं को जूट बैग, स्कूल ड्रेस समेत विभिन्न उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

आधुनिक मशीनें बढ़ाएंगी महिलाओं की आय

जिला परियोजना प्रबंधक रीप सोनम गुप्ता ने बताया कि सहसपुर बैरियर के पास जिला उद्योग केंद्र की ओर से स्थापित इस कॉमन फैसिलिटी सेंटर में आधुनिक सिलाई मशीनें उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन की पहल पर अब इन मशीनों को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सहसपुर ब्लॉक की कई ग्रामीण महिलाएं पहले से सिलाई के काम में दक्ष हैं। आधुनिक मशीनों और बेहतर बाजार उपलब्ध होने से उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी।

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