Breaking News :
>>डाइट में ये छोटे बदलाव करने से घटा सकते हैं तेजी से वजन, जानिए एक्सपर्ट की सलाह>>किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि राष्ट्र के सच्चे नायक भी हैं- मुख्यमंत्री धामी>>राजकुमार राव की नई फिल्म ‘रफ्तार’ का ऐलान, रिलीज तारीख भी आई सामने>>पिथौरागढ़ सीमांत क्षेत्र से नगर पंचायत अध्यक्ष समेत कई जनप्रतिनिधि भाजपा में शामिल>>उत्तराखंड में बढ़ी वनाग्नि की घटनाएं, फायर सीजन में अब तक 73 मामले दर्ज>>महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने महिला हेल्प डेस्क एवं साइबर सेल का किया औचक निरीक्षण>>मुखानी पुलिस ने चोरी के आरोपी को किया गिरफ्तार, 13 लाख के जेवरात और नकदी बरामद>>केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, सोनम वांगचुक होंगे जेल से रिहा>>मुख्यमंत्री धामी ने सपरिवार मनाया लोकपर्व फूलदेई, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं>>एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर- इटली को हराकर भारत पहुंचा फाइनल में>>राम गोपाल वर्मा ने किया ‘सरकार 4’ का ऐलान, जल्द शुरू होगी फिल्म की शूटिंग>>योग वह दिव्य चेतना है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दी- सीएम धामी>>महिलाओं को न्याय दिलाने का हमारा संकल्प निरंतर रहेगा जारी- कुसुम कंडवाल>>गणेशपुर में 30 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर>>सीआईएमएस एवं यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज : चार दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य समापन>>दो जरूरतमंद महिलाओं को सीएसआर फंड से मिली एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता>>अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही आयुष औषधियों की मांग, उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण जरूरी- त्रिवेन्द्र>>20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी>>दुबई में तेज धमाकों से मचा हड़कंप, आसमान में उठा काले धुएं का गुबार>>सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित
आर्थिक गतिविधियाँ

रोजगार बढ़ाने वाले रहा बजट, गरीबों के लिए हेल्‍थ इंश्‍योरेंस स्‍कीम का प्रावधान

मुंबई बजट 2020 से यह प्रतीत होता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था वास्तव में आर्थिक सुस्ती के दौर में है। अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हुए उसे मजबूत बनाने के लिए इसमें व्यापक पैमाने पर सार्वजनिक निवेश करने की आवश्यकता है, ताकि इससे अर्थव्यवस्था में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें और लोगों की क्रयक्षमता को बढ़ाया जा सके। ग्रामीण विकास मंत्रालय को आवंटित किए जाने वाले 1,22,000 करोड़ रुपयों (जिसमें मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट के तहत एक बड़ी रकम 61,500 करोड़ भी शामिल है) के माध्यम से मोदी सरकार ने जो संकेत दिया है वह बताता है कि दक्षिणपंथ अर्थव्यवस्था का मॉडल ‘मार्केट फंडामेंटलिज्म’ से ‘केनेसियन मल्टीप्लायर’ की ओर जा रहा है।

दरअसल केनेसियन मल्टीप्लायर का सिद्धांत अर्थशास्त्र का वह सिद्धांत है जिसके तहत निजी उपभोग के लिए खर्च पर ज्यादा जोर दिया जाता है। इसमें सरकार अपनी ओर से खर्च कुछ इस तरह से करती है ताकि लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके और समाज में खुशहाली आ सके।

हालांकि, इसमें खर्च के प्रारूप पर अधिक जोर नहीं दिया जाता है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अर्थव्यवस्था को एक धर्मनिरपेक्ष देवी की भांति समझा जाता रहा है, क्योंकि मनरेगा, जिसके बारे में कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे इसे ‘यूपीए सरकार की नाकामियों की जिंदा धरोहर’ के तौर पर जारी रखेंगे, आज वह केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का प्रतीक बन चुका है।

ग्रामीण भारत की खुशहाली के मकसद से समाज कल्याण योजनाओं पर भी सरकार ने पूरा ध्यान दिया है। वर्ष 2020 के बजट में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं के कल्याण के लिए किया गया 53,700 करोड़ रुपये का प्राविधान और अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्गो के लिए किया गया 85,000 करोड़ रुपये का प्राविधान तथा महिलाओं के उत्थान से जुड़े खास कार्यक्रमों के लिए किया गया 28,600 करोड़ रुपये का प्राविधान व सुपोषण योजनाओं के लिए किया गया 35,600 रुपये का प्राविधान, यह दर्शाता है कि देशवासियों के भूखे पेट को भरने में सक्षम होगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजनाओं के अलावा मोदी सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम का जो प्रावधान किया है वह भी गरीबों के हित में एक बड़ा कदम है। इसे भी दक्षिणपंथी कल्याण अर्थशास्त्र का हिस्सा कहा जा सकता है। सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लिए वर्ष 2019-20 के बजट में 62,500 करोड़ रुपये देने प्राविधान किया था, जो उसके पिछले दो वित्तीय वर्षो में उच्चतम रही थी, उसे बढ़ाकर इस बार 69,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

जो लोग इस बजट को चुनावी नजरिये से देखना चाहेंगे, उन्हें इस बात से हैरानी नहीं होनी चाहिए कि गरीब घरों तक एलपीजी गैस पहुंचाने वाली सरकार की लोकप्रिय ‘उज्ज्वला’ योजना के लिए 1,118 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में सामाजिक और ग्रामीण हित में खासकर उज्ज्वला योजना को परिवर्तनकारी योजना के रूप में देखा गया, और यह माना गया था कि मोदी सरकार को वर्ष 2019 के चुनावों में दोबारा से जीत दिलाने में इस योजना का व्यापक योगदान रहा है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!