कूर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद धर्मपुर शाखा द्वारा आयोजित की गई एक महत्वपूर्ण बैठक

21 दिसम्बर 2025 को किया जायेगा कूर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद धर्मपुर शाखा की नई कार्यकारणी का गठन
1 मार्च 2026 को आयोजित किया जायेगा धर्मपुर शाखा का होली मिलन कार्यक्रम
आकाश ज्ञान वाटिका, शनिवार, 6 दिसम्बर 2025, देहरादून। कूर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद धर्मपुर शाखा की बैठक शनिवार, 6 दिसम्बर 2025 नेहरू कॉलोनी स्थित राहुल रेस्टॉरेंट में आयोजित की गई। बैठक धर्मपुर शाखा के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

बैठक में जिन महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया गया, वह निम्नवत हैं :
👉 कूर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद धर्मपुर शाखा की नई कार्यकारणी के गठन के सम्बन्ध में विचार-विमर्श हुआ। विचार-विमर्श के उपरान्त यह तय किया गया कि नई कार्यकारणी का गठन 21 दिसम्बर 2025 को किया जायेगा। कार्यकारणी में नौ सदस्य नियुक्त/निर्वाचित किये जायेंगे, जो निम्नवत होंगे :
❶ अध्यक्ष
❷ सचिव
❸ उपाध्यक्ष
❹ कोषाध्यक्ष
❺ सह सचिव
❻ सांस्कृतिक सचिव (पुरुष)
❼ सांस्कृतिक सचिव (महिला)
❽ लेखा परीक्षक
❾ कानूनी सलाहकार
👉 बैठक में यह तय किया गया कि आगामी होली मिलन कार्यक्रम रविवार, 1 मार्च 2026 को आयोजित किया जायेगा।
👉 बैठक में यह भी तय किया गया कि इस वर्ष से सदस्यता शुल्क रूपये 500 प्रति सदस्य होगा तथा सभी निर्वाचित पदाधिकारी रूपये 600 अतिरिक्त सहयोग राशि के रूप में देंगे।
👉 बैठक में यह भी तय हुआ कि आज से ही वृहद सदस्यता अभियान चलाया जायेगा।
इस अवसर पर शाखा अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष ललित चंद्र जोशी, आर.एस. बिरोरिया, विजय बौड़ाई, एस.पी. मनराल, जी.सी. पाण्डेय, राजेंद्र काण्डपाल, घनश्याम चन्द्र जोशी, घनश्याम पांडेय, ललित मोहन सिंह मनराल, गोपाल सिंह रावत, श्रीमती आशा बिष्ट, श्रीमती हेमा भट्ट आदि पदाधिकारी/सदस्य उपस्थित रहे।
विदित रहे कि कूर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र की संस्कृति, भाषा, कला और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण व प्रसार के उद्देश्य से कार्य करने वाला एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है। यह परिषद कुमाऊँनी लोक परंपराओं : जैसे लोकगीत, लोकनृत्य, पर्व-त्यौहार, पहनावा और भोजन को बढ़ावा देती है तथा प्रवासी कुमाऊँनी समुदाय को एक साझा मंच प्रदान करती है।
संगठन सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, जरूरतमंदों की सहायता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन और समाज को जोड़ने वाली गतिविधियों का संचालन भी करता है। परिषद का मुख्य उद्देश्य कुमाऊँनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर नई पीढ़ी तक पहुँचाना और समाज में एकता व सहयोग की भावना को मजबूत करना है।
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