कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद् की धर्मपुर शाखा द्वारा किया गया एक महत्वपूर्ण बैठक का सफल आयोजन

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने शाखा की अब तक की गतिविधियों की समीक्षा करने के साथ ही भविष्य में किए जाने वाले कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
आकाश ज्ञान वाटिका, रविवार, 01 फ़रवरी 2026, देहरादून। कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद् की धर्मपुर शाखा की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन शाखा के सम्मानित अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में संपन्न किया गया, जिसमें शाखा के वर्तमान एवं भावी कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य धर्मपुर शाखा को और अधिक सक्रिय, संगठित बनाने के साथ-साथ परिषद् के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करना रहा। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने शाखा की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए अपने-अपने सुझाव रखे और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

बैठक में सबसे पहले आगामी 8 फरवरी को होने वाले कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद् की केंद्रीय शाखा के चुनाव को लेकर चर्चा की गई। इस चुनाव प्रक्रिया में धर्मपुर शाखा की भूमिका क्या होगी, किस प्रकार शाखा अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से केंद्रीय स्तर पर सहभागिता सुनिश्चित करेगी, इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। सदस्यों ने यह भी चर्चा की कि केंद्रीय चुनाव केवल एक औपचारिक प्रक्रिया न होकर परिषद् के भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है, इसलिए धर्मपुर शाखा को इसमें पूरी जिम्मेदारी और सजगता के साथ भाग लेना चाहिए। चुनाव में प्रतिनिधित्व के लिए धर्मपुर शाखा से दो नाम भेजे जाने पर सहमति बनाने के प्रयास किए गए तथा यह भी तय किया गया कि प्रतिनिधियों का चयन अनुभव, सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
बैठक के दौरान यह भी विचार किया गया कि केंद्रीय शाखा के चुनाव के दौरान धर्मपुर शाखा को जो जिम्मेदारियाँ सौंपी गयी हैं उन्हें पूरी कर्मठता एवं पारदर्शिता के साथ निभाया जाएगा। सभी ने यह विश्वास जताया कि धर्मपुर शाखा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और सक्रियता के साथ करेगी।
इसके पश्चात बैठक में आगामी 22 फरवरी को कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद् की केंद्रीय शाखा द्वारा आयोजित किए जाने वाले होली मिलन कार्यक्रम पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में धर्मपुर शाखा की भूमिका क्या होगी, कितने सदस्यों की सहभागिता सुनिश्चित की जा सकती है, तथा कार्यक्रम को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए क्या-क्या प्रयास किए जा सकते हैं, इन सभी पहलुओं पर विचार किया गया। इस अवसर पर धर्मपुर शाखा से दो होली के कार्यक्रम देने पर भी चर्चा हुयी। इसके साथ ही बैठक में आगामी 1 मार्च को धर्मपुर शाखा द्वारा आयोजित किए जाने वाले होली मिलन समारोह के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की रूपरेखा, आयोजन स्थल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, पारंपरिक गीत-संगीत तथा अन्य गतिविधियों को लेकर सदस्यों ने अपने विचार साझा किए। यह भी तय किया गया कि धर्मपुर शाखा का होली मिलन समारोह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी शाखा के सांस्कृतिक सचिव सुन्दर आगरी को दी गयी। उन्होंने कहा कि होली मिलन कार्यक्रम केवल एक उत्सव न होकर आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम होता है, इसलिए पूरी तैयारी के साथ इसे सफल बनाया जायेगा।
बैठक में धर्मपुर शाखा की सदस्य संख्या बढ़ाने को लेकर भी गंभीर चर्चा की गई। धर्मपुर शाखा ने यह निर्णय लिया कि शाखा से अधिक से अधिक संख्या में सदस्यों को जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। इसके लिए वर्तमान सदस्यों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्र में परिषद् के उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी लोगों तक पहुँचायें तथा उन्हें संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। सदस्यों ने यह भी कहा कि अधिक सदस्य जुड़ने से न केवल संगठन की शक्ति बढ़ेगी, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा सकेगा।
सभी सदस्यों से यह भी अनुरोध किया गया कि वे शाखा की बैठकों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहें। बैठक में यह विचार सामने आया कि नियमित बैठकों में सक्रिय सहभागिता से ही संगठन मजबूत होता है और निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लेते हुए सर्वसम्मति से सुरेश अंडोला को धर्मपुर शाखा का सह-कोषाध्यक्ष नामित किया गया। उनके नाम पर सभी सदस्यों ने सहमति व्यक्त की और विश्वास जताया कि वे इस दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करेंगे। इसके साथ ही शाखा द्वारा एक सलाहकार मंडल के गठन का भी निर्णय लिया गया। सलाहकार मंडल का उद्देश्य संगठन को समय-समय पर मार्गदर्शन देना, अनुभव साझा करना और शाखा की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाना रहेगा।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों/सदस्यों ने संगठन की अब तक की गतिविधियों की समीक्षा भी की और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने अपने संबोधन में कहा कि कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद् समाज की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और धर्मपुर शाखा इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने सभी सदस्यों से आपसी सहयोग और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

बैठक में महासचिव शिव प्रताप सिंह मनराल ने संगठनात्मक विषयों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि परिषद् की सफलता सदस्यों की सक्रियता और एकजुटता पर निर्भर करती है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम चन्द्र जोशी ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश पहुँचाया जा सकता है और परिषद् को इसी दिशा में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। इसके अतिरिक्त अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी अपने-अपने विचार रखें।
इस बैठक में अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, महासचिव शिव प्रताप सिंह मनराल सहित घनश्याम चन्द्र जोशी, ललित मोहन सिंह मनराल, आर.एस. बिरोरिया, जी.सी. पांडेय, श्रीमती विमला मनराल, श्रीमती गीता मिश्रा, सुन्दर आगरी, राजेंद्र कांडपाल, सुरेश अंडोला, अनूप सिंह फर्त्याल, तेज सिंह रावत, भीम सिंह बिष्ट, सुन्दर सिंह रावत, बालम सिंह मावड़ी, गोपाल सिंह रावत, श्रीमती तुलसी रावत, देवेंद्र सिंह रावत, बसंत वल्लभ पांडेय, हरी सुमन सिंह, श्रीमती सिमा साह, श्रीमती विमला पांडेय, श्रीमती देवकी उप्रेती, श्रीमती शोभा पांडेय, घनश्याम पांडेय, रमेश चंद्र जोशी आदि सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने बैठक को उपयोगी और सार्थक बताया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार नियमित बैठकों के आयोजन पर सहमति व्यक्त की। बैठक का समापन कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद् के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ। शाखा की अगली बैठक शनिवार, 14 फ़रवरी को आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया।
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