Breaking News :
>>सेवा, सुशासन एवं समर्पण के साथ जनहित में कार्य कर रही धामी सरकार- गणेश जोशी>>देहरादून में सुरक्षा जवानों की भर्ती हेतु विकासखंड स्तर पर होंगे रोजगार शिविर आयोजित>>सेवा, सुशासन और समर्पण का सशक्त संदेश बना ‘सेवा पखवाड़ा’>>7 जुलाई 2026 तक जमा करें गणना प्रपत्र, नहीं तो छूट सकता है मतदाता सूची में नाम>>राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद को ₹219.29 करोड़ की 51 विकास योजनाओं की दी सौगात>>‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ>>ऋतु खंडूरी ने किया कोटद्वार के मोटाढांग में ₹1.47 करोड़ की पेयजल योजना का शिलान्यास>>बदरीनाथ धाम के चढ़ावा चोरी पर जवाब दे सरकार- कांग्रेस>>स्वामी विवेकानंद का जीवन आत्मविश्वास, सेवा और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण- मुख्यमंत्री धामी>>‘अल्फा’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये>>मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बदल रही मसूरी की तस्वीर, पर्यटन विकास मॉडल को मजबूती देगी विश्वस्तरीय रोपवे परियोजना>>वीबी-जीरामजी योजना के तहत संवरेंगे खस्ताहाल विद्यालय- डाॅ. धन सिंह रावत>>अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा प्रहार, ऋषिकेश में अवैध भवन सील>>श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा प्रकरण की जांच के आदेश, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई- हेमंत द्विवेदी >>अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा प्रहार, ऋषिकेश में अवैध भवन सील>>मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बदल रही मसूरी की तस्वीर, पर्यटन विकास मॉडल को मजबूती देगी विश्वस्तरीय रोपवे परियोजना>>उत्तराखण्ड सरकार व यूएनडीपी ने की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा>>एसआईआर के साथ विभागीय काम भी करें आंगनबाड़ी कार्यकत्री- रेखा आर्या>>मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 187 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र>>एक वर्ष पूर्व हुई लाखों की ज्वेलरी चोरी का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी महिला गिरफ्तार
उत्तराखण्डताज़ा खबरें

काबुल एयरपोर्ट से वतन वापसी का इंतजार कर रहे दून के अमित ने सुनाई अपनी आपबीती

आकाश ज्ञान वाटिका, 20 अगस्त 2021, शुक्रवार, देहरादून। अफगानिस्तान से वतन वापसी की आस में काबुल एयरपोर्ट पर दूसरे देश के नागरिकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इससे एयरपोर्ट पर भीड़ बढ़ती जा रही है।

इससे एयरपोर्ट पर व्यवस्था ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच गई है। हाल यह है कि एयरपोर्ट पर खाना मिलना भी बंद हो गया है। हमारे पास जो बिस्किट और नमकीन थे, वह भी खत्म होने की कगार पर हैं। ऐसे में भूख लगने पर पानी पीकर गुजारा करना पड़ रहा है।

यह आप बीती है काबुल में वतन वापसी के लिए विमान का इंतजार कर रहे दून के अमित की। जो उन्होंने वीडियो और आडियो संदेश के जरिये अपने परिवार व मित्रों से साझा की है।

डाकरा निवासी अमित लंबे समय से अफगानिस्तान में नौकरी कर रहे थे। वीडियो संदेश में रूंधे गले के साथ अमित बताते हैं कि उन्हें तनिक भी अंदाजा नहीं था कि इस देश में ऐसे हालात पैदा हो जाएंगे। अब उनकी यही कोशिश है कि जल्द से जल्द अपने परिवार के पास वापस पहुंच जाएं।

इस आस में वह दो दिन से काबुल एयरपोर्ट पर डेरा डाले हुए हैं। वहां हर वक्त उनकी आंखें हवाई पट्टी पर गड़ी रहती हैं और कान एनाउंसमेंट पर लगे रहते हैं। इस उम्मीद में कि कोई विमान आएगा और उन्हें अपने मुल्क वापस ले जाएगा।

मगर, विमान के लिए उनका इंतजार लंबा होता जा रहा है।

अमित आगे बताते हैं कि वह दो दिन से नमकीन-बिस्किट और पानी के सहारे ही जिंदा हैं। हालांकि, एयरपोर्ट पर कई लोग ऐसे भी हैं, जिनको सिर्फ पानी ही नसीब हो पा रहा है।

उन्होंने बताया कि काबुल एयरपोर्ट पर तैनात सेना ने उन्हें एयर लिफ्ट होने की बारी आने पर पासपोर्ट व मोबाइल फोन के अलावा कोई दूसरा सामान ले जाने से मना किया है।

अपना दर्द साझा करते हुए अमित ने यह भी कहा कि अगर देश में ही अच्छा रोजगार मिल जाता तो इतनी दूर आने की जरूरत नहीं पड़ती।

आइआइटी में रह रहे अफगानी छात्रों को सता रही परिवार की चिंता

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जा करने के बाद से वहां रहने वाले अफगानियों के साथ ही वे लोग भी खौफ में जी रहे हैं, जिनके स्वजन वहां फंसे हुए हैं।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की के कैंपस में मौजूद सात अफगानी छात्रों को भी अपने परिवार की चिंता सता रही है। वे इंटरनेट मीडिया के जरिये अपने परिवार और अफगानिस्तान के हालात की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।

आइआइटी रुड़की में पीएचडी व पीजी पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले अफगानिस्तान के छात्रों की कुल संख्या 58 है।

इनमें से 31 छात्रों ने इस साल प्रथम सेमेस्टर में दाखिला लिया था। जबकि इस समय पीएचडी और पीजी पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले सात अफगानी छात्र संस्थान के कैंपस में मौजूद हैं।

तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से कैंपस में मौजूद अफगानी छात्र अपने स्वजन और छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। साथ ही वह अपने परिवार के सदस्यों को यहां बुलाना चाहते हैं।

सभी छात्र रोजाना इंटरनेट मीडिया के जरिये अपने स्वजन से बात कर रहे हैं। उनसे अफगानिस्तान के हालात की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।

उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही अफगानिस्तान में हालत पहले की तरह होंगे।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!