Breaking News :
>>उत्तराखण्ड सरकार व यूएनडीपी ने की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा>>एसआईआर के साथ विभागीय काम भी करें आंगनबाड़ी कार्यकत्री- रेखा आर्या>>मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 187 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र>>एक वर्ष पूर्व हुई लाखों की ज्वेलरी चोरी का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी महिला गिरफ्तार>>भिलाडू में स्टेडियम के निर्माण से युवाओं और खिलाड़ियों को मिलेंगी आधुनिक खेल सुविधाएं- गणेश जोशी>>शिक्षकों के स्थानांतरण को मिलेगा अतिरिक्त समय- डाॅ. धन सिंह रावत>>स्थानांतरण पर जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर को भावभीनी विदाई>>नई ऊर्जा, नई सोच के साथ पी.सी.ध्यानी ने संभाली यूपीसीएल की कमान>>विद्यालयों की सुरक्षा एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की डीएम ने की व्यापक समीक्षा>>विदेशी रोजगार का सपना कर रही साकार- धामी सरकार की योजना से 123 युवाओं को मिला ग्लोबल करियर>>देहरादून के 7 संवेदनशील स्थानों पर एक साथ हुई मॉकड्रिल>>पदक विजेता खिलाड़ियों को तय समय के अंदर सरकारी सेवा में समायोजित करें- मुख्यमंत्री>>मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय मानसून पूर्व मॉक ड्रिल में अधिकारियों को दिए प्रभावी आपदा प्रबंधन के निर्देश>>पटेलनगर क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार>>लाल पुल बस दुर्घटना की होगी मजिस्ट्रियल जांच, एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के डीएम ने दिए निर्देश>>बरसात से क्षतिग्रस्त मार्ग का मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण, तत्काल पुनर्निर्माण के दिए निर्देश>>हेल्दी डाइट के बावजूद भी क्यों बढ़ता है बैड कोलेस्ट्रॉल? जानें इसके कारण>>ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अनधिकृत डंपिंग व मानकविहीन प्लांटों पर होगी कड़ी कार्रवाई- डीएम>>अखिल अक्किनेनी की ‘लेनिन’ का दमदार ट्रेलर रिलीज>>कोरोनेशन अस्पताल की बदहाली पर भड़के डीएम, व्यवस्थाएं सुधारने के दिए सख्त निर्देश
देश

अमेरिकी समेत 16 देशों के राजदूत कश्मीर के हालात का जायजा लेने पहुंचे

भारत में अमेरिकी समेत 16 देशों के राजदूत आज यानी गुरुवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में हालात का जायजा लेने पहुंचे हैं। पिछले साल 2019 के अक्टूबर महीने में यूरोपीय संसद के 27 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर का दौरा किया था। इस पर कई विपक्षी पार्टियों ने आपत्ति जताई थी।

इस बार यूरोपीय यूनियन के राजनयिकों के इस दौरे में शामिल न होने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी  नहीं हुई है। हालांकि, न्‍यूज एजेंसी एएनआइ के अनुसार भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक, यूरोपीय यूनियन के राजनयिक अलग समूह में जम्‍मू-कश्‍मीर का दौरा करना चाहते हैं, लेकिन अभी इसकी तैयारी करना संभव नहीं है। ऐसा बताया जा रहा है कि यूरोपीय यूनियन के राजनयिकों को कुछ समय बाद कश्‍मीर के दौरे पर ले जाया जाएगा।

जानकारी के अनुसार भारत सरकार जम्‍मू-कश्‍मीर में राजनयिकों के दौरे के मुद्दे पर यूरोपीय यूनियन से संपर्क बनाए हुए है। यूरोपीय यूनियन की ओर से इस जम्‍मू-कश्‍मीर दौरे का हिस्सा बनने के लिए सहमति नहीं मिल सकी है। केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक, दरअसल, यूरोपीय यूनियन के राजनयिक अलग समूह में जाना चाहते हैं, लेकिन अभी इतने कम समय में ऐसी तैयारियों कर पाना संभव नहीं है।

जानकारी हो कि भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ आई जस्टर सहित 16 देशों के राजनयिक बृहस्पतिवार से जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आएं हैं। जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा पिछले वर्ष समाप्त किये जाने के बाद राजनयिकों का यह पहला दौरा होगा। दिल्ली से ये राजनयिक गुरुवार को को हवाई मार्ग से श्रीनगर आएं हैं और वहां से वे जम्मू जाएंगे। वे वहां पर उप राज्यपाल जी सी मर्मू के साथ ही नागरिक समाज के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। इनमें बांग्लादेश, वियतनाम, नार्वे, मालदीव, दक्षिण कोरिया, मोरोक्को, नाइजीरिया आदि देशों के भी राजनयिक शामिल होंगे।

अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को दौरा करने वाले राजनयिक नागरिक समाज के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और उन्हें विभिन्न एजेंसियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। कई देशों के राजनयिकों ने भारत सरकार से अनुरोध किया था कि अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटने के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए कश्मीर का दौरा करने की अनुमति दी जाए। इस कदम से भारत को कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के दुष्प्रचार को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।

भारत ने पी-पांच देशों और विश्व के सभी देशों की राजधानियों से संपर्क कर अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त करने के निर्णय पर अपना मत रखा था। इससे पहले दिल्ली के एक थिंक टैंक द्वारा यूरोपीय संघ के 23 सांसदों के शिष्टमंडल को जम्मू कश्मीर का दो दिवसीय दौरे पर ले जाया गया था। हालांकि सरकार ने उसे निजी दौरा बताया था।

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्‍तान की ओर से भारत पर कई बेबुनियाद आरोप लगाए गए। हालांकि, इन आरोपों में कोई दम नहीं था। अमेरिका और चीन समेत कई देशों ने इसे भारत का आंतरिक मामला बताया। बता दें कि अक्टूबर महीने में यूरोपीय संसद के 27 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भी कश्मीर का दौरा किया था, इसके बाद अब यह किसी विदेशी समूह का दूसरा दौरा है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!