Breaking News :
>>परिवार की प्रताड़ना से शिक्षा से वंचित रुद्र प्रताप नेगी का सहारा बना जिला प्रशासन>>सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की ‘द वन’ का ट्रेलर हुआ रिलीज>>बाल संरक्षण एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाएं अधिकारी- जिलाधिकारी>>भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का अंतिम मुकाबला आज>>पीएम मोदी के जन्मदिन पर देशभर में कार्यक्रम, मंदिरों में पूजा से लेकर ‘आशीर्वाद का दीया’ तक आयोजन>>EPF की नई सीमा से पंजाब के करीब दो लाख कर्मचारियों को फायदा, उद्योग पर बढ़ेगा खर्च>>नशामुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विकासखण्ड स्तर पर खण्ड स्तरीय समिति गठित>>केंद्र के मौखिक आश्वासन पर भरोसा न करें, लिखित गारंटी लें: उमर अब्दुल्ला>>देहरादून में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की तैयारी तेज, डीएम ने दिए सख्त निर्देश>>अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, तीन स्थानों पर सीलिंग, दो जगह ध्वस्तीकरण>>मसूरी में गढ़वाल सभा भूमि एवं भवन हेतु सहयोग के लिए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का आभार प्रकट करते गढ़वाल सभा के पदाधिकारी>>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं>>जनता के मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाएगी कांग्रेस: डॉ. हरक सिंह रावत>>एसपी ऋषिकेश ने किया रायवाला कोतवाली का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण>>मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर पीजी, एसआर और जेआर डॉक्टरों को दिया स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा, धरना स्थगित>>17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक जनपद नैनीताल में चलेगा “सेवा संकल्प अभियान”>>धामों में मुख्यमंत्री के दीर्घायु और प्रदेश की सुख-समृद्धि, द्वितीय चरण की सकुशल यात्रा के लिए की गयी प्रार्थना: हेमंत द्विवेदी>>जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न>>यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के फैसले से मचा सियासी घमासान, राहुल गांधी ने उठाए सवाल>>युवा शक्ति विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की प्रमुख आधारशिला- मुख्यमंत्री
उत्तराखण्ड

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मिले विश्व बैंक के अधिकारी

विकास परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने पर जोर

देहरादून। उत्तराखंड के दीर्घकालिक और सतत विकास को लेकर गुरुवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहोई के बीच मुलाकात हुई। विश्व बैंक की टीम के साथ हुई इस बैठक में उत्तराखंड के विकास की प्राथमिकताओं, जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और तेजी से बढ़ते शहरीकरण समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में उत्तराखंड@2047 की विकास रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य को वर्ष 2047 तक मजबूत, समृद्ध, टिकाऊ और आपदा-रोधी बनाने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्व बैंक से जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के क्षेत्र में वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया।

जल संरक्षण पर विशेष फोकस

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में नदियों के पुनर्जीवन और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में जल संकट की बढ़ती चुनौती को देखते हुए वर्षा जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में विश्व बैंक की तकनीकी विशेषज्ञता और वित्तीय सहयोग राज्य के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

पलायन रोकने के लिए स्थानीय रोजगार पर जोर

बैठक में पलायन की समस्या और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार व आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। जरूरत के अनुसार रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं

मुख्य सचिव ने स्कूली और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विश्व बैंक से सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलती जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ युवाओं को रोजगार और आजीविका से जोड़ना जरूरी है। बैठक में ऊर्जा, वित्त और पेयजल क्षेत्र में संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी भी विश्व बैंक की टीम के साथ साझा की गई।

विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहोई ने राज्य की विकास प्राथमिकताओं को समझते हुए भविष्य में रणनीतिक और फ्लैगशिप परियोजनाओं के जरिए सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। विश्व बैंक की ओर से उत्तराखंड के दीर्घकालिक विकास के लिए तकनीकी सहायता और सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई गई।

सुनियोजित शहरी विकास पर भी मंथन

राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए भविष्य की शहरी जरूरतों, आधारभूत ढांचे और सतत विकास पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि राज्य की प्राथमिकताओं के अनुरूप विश्व बैंक के सहयोग से दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विश्व बैंक से जोहांस जट्ट, सचिव डॉ. रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव नरेंद्र सिंह भंडारी, रोहित मीणा और नवनीत पांडे समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Loading

error: Content is protected !!