Breaking News :
>>मसूरी रोड पर दर्दनाक हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, चार लोगों की मौत>>प्रदेश में कूड़ा प्रबंधन के लिए 500 नए वाहन दिए जाएंगे>>SDRF के साहसिक अभियान ने बचाई दो युवकों की जान, 150 मीटर गहरी खाई से किया सकुशल रेस्क्यू>>कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कराटे चैंपियनशिप के विजेताओं को किया सम्मानित>>अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा वार, कुल्हान और चन्द्रवनी में चार भवन सील>>विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 1882 मतदेय स्थलों पर घर-घर पहुँच रहे बीएलओ>>देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू>>मोदी सरकार के 12 साल : मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ अभूतपूर्व विस्तार>>मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण>>मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बाँटे नियुक्ति पत्र>>कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुँचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही>>देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा>>फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज>>फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक>>दहेज की माँग को लेकर विवाहिता के साथ जघन्य अपराध पर महिला आयोग सख्त>>विश्वविद्यालयों में साइबर सुरक्षा के हो पुख्ता इंतजाम : डाॅ. धन सिंह रावत>>समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनीं 194 जन शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के सख्त निर्देश>>जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री>>​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल>>जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में 500 योजनाओं के सूख रहे जलस्रोत, गर्मियों में होगा जलसंकट

देहरादून: गंगा, यमुना जैसी नदियों के उद्गम वाले उत्तराखंड में जलस्रोत लगातार सूख रहे हैं। इसका सीधा असर पेयजल योजनाओं पर पड़ा है। उत्तराखंड जल संस्थान की सर्वे रिपोर्ट इसे तस्दीक करती है। इसके मुताबिक पिछले तीन सालों में राज्य में जल संस्थान के अधीन संचालित 500 योजनाओं के स्रोतों में जलश्राव 50 से 100 फीसद तक घटा है। इनमें 93 योजनाएं ऐसी हैं, जिनमें पानी की उपलब्धता में 90 फीसद से अधिक की कमी दर्ज की गई है।

यही नहीं, पौड़ी, टिहरी, चंपावत व अल्मोड़ा ऐसे जनपदों में शुमार हैं, जहां पेयजल योजनाओं में सबसे अधिक जलश्राव कम हुआ है। ऐसे में गर्मियों में वहां पानी के लिए हाहाकार मच सकता है।

गर्मियों में संभावित पेयजल संकट के मद्देनजर शासन ने जल संस्थान से उसके अधीन संचालित योजनाओं में पानी की उपलब्धता से संबंधित रिपोर्ट मांगी। संस्थान ने पिछले तीन सालों में ऐसी योजनाओं का सर्वे कराया, जिनके स्रोतों में पानी की उपलब्धता 50 फीसद से कम हुई है। शासन को भेजी गई इस सर्वे रिपोर्ट में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक पांच सौ पेयजल योजनाएं ऐसी हैं, जिनमें विभिन्न कारणों के चलते जलश्राव घटा है। कहीं सड़क समेत दूसरे निर्माण कार्यों के कारण जलस्रोत दब गए तो कहीं ये सूख चुके या फिर सूखने के कगार पर हैं। रिपोर्ट पर गौर करें तो 93 योजनाएं तो महज उपस्थिति दर्ज कराने तक सिमट गई हैं। इनमें पानी की उपलब्धता में 90 फीसद तक की कमी आई है। शेष 407 योजनाओं में जलश्राव 50 से 90 फीसद तक घटा है।

पौड़ी जिले में सर्वाधिक 185 योजनाओं के जलस्रोत बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। टिहरी में 89, चंपावत में 54 और अल्मोड़ा जिले में 46 योजनाओं के स्रोत में पानी घटा है। ऐसे में वहां गर्मियों में दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

उत्तराखंड जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एसके गुप्ता के अनुसार 500 पेयजल योजनाओं के जलस्रोतों में पानी की मात्रा घटने से आने वाले दिनों में परेशानी होना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि जलस्रोतों के संवद्र्धन के मद्देनजर शासन स्तर पर विभिन्न विभागों से कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है।

यह है तस्वीर

-93 पेयजल योजनाओं में पानी की कमी 90 फीसद से अधिक

-268 योजनाओं में 75 से 90 फीसद तक घटा पानी

-139 योजनाएं ऐसी, जिनमें जलश्राव 50 से 75 फीसद तक कम

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!