Breaking News :
>>गर्व, उत्साह और उमंग के साथ मनेगा आजादी का महापर्व>>मुख्यमंत्री धामी ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की>>भूकंप से कांपा कोलंबिया, कई इमारतें ढही, 200 से ज्यादा लोगों की मौत>>खाने के बाद सौंफ-मिश्री क्यों खाते हैं? जानिए इसके फायदे और किन लोगों को रखनी चाहिए सावधानी>>बॉलीवुड की दो फिल्मों की रिलीज डेट आई सामने, जानिए ‘उड़ता तीर’ और ‘ईठा’ कब होंगी रिलीज>>मुख्यमंत्री धामी से मिले शेफ केशव नेगी, सहयोग के लिए जताया आभार>>दावे-आपत्तियों के निस्तारण में तेजी लाएं ईआरओ- डीएम>>मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर संयुक्त औचक निरीक्षण, तीन प्रतिष्ठानों में दवा बिक्री पर रोक>>मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों से रूस में फंसे उत्तराखण्ड के दो भाइयों की सुरक्षित वतन वापसी>>श्री शिव महापुराण कथा का भक्तिमय वातावरण में हुआ दिव्य समापन>>दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान को सितंबर में लगेगा संयुक्त मोबाइल कोर्ट>>देहरादून में दलहन उत्पादन को बढ़ाने को क्लस्टर आधारित माइक्रोप्लानिंग पर जोर>>मुख्यमंत्री से विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने की भेंट>>तमकनाला आपदा पर CM धामी की सीधी नजर>>सोने-चांदी के दाम में फिर उछाल, सोना 1.55 लाख के पार, चांदी भी 2.40 लाख के करीब>>ताकुला चुंगी के पास 100 मीटर गहरी खाई में गिरी कार,चार लोग घायल>>पीएम मोदी समेत NDA सांसदों ने लहराया तिरंगा, झारखंड छात्र प्रदर्शन पर संसद में प्रदर्शन>>मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, एक साल में 1500 टी20 रन बनाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाडी बने>>‘7 डॉग्स’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, 21 अगस्त को होगी फिल्म रिलीज>>मुख्यमंत्री ने नंदा की चौकी पुल के एप्रोच रोड के पुनर्निर्माण कार्य का किया निरीक्षण
स्वास्थ

खाने के बाद सौंफ-मिश्री क्यों खाते हैं? जानिए इसके फायदे और किन लोगों को रखनी चाहिए सावधानी

खाने के बाद सौंफ और मिश्री परोसने की परंपरा भारतीय खान-पान का हिस्सा रही है। घर हो या रेस्टोरेंट, भोजन खत्म होने के बाद अक्सर लोग इसे माउथ फ्रेशनर के तौर पर लेते हैं। हालांकि, इसका इस्तेमाल केवल मुंह की ताजगी तक सीमित नहीं है। सौंफ में मौजूद कुछ पोषक तत्व और प्राकृतिक यौगिक इसे भोजन के बाद लेने वाली एक उपयोगी चीज बनाते हैं। वहीं, मिश्री को लेकर यह समझना जरूरी है कि यह भी मूल रूप से चीनी ही है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

सौंफ खाने से क्या फायदे हो सकते हैं?

1. पाचन में मिल सकती है मदद
भोजन के बाद थोड़ी सौंफ चबाने की आदत काफी पुरानी है। माना जाता है कि यह पेट से जुड़ी हल्की असहजता और पाचन संबंधी परेशानी में कुछ लोगों को राहत दे सकती है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा होना जरूरी नहीं है।

2. सांसों की दुर्गंध कम करने में सहायक
सौंफ की खुशबू और इसका स्वाद मुंह को ताजगी देने में मदद कर सकता है। इसी कारण इसे खाने के बाद प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

3. फाइबर भी होता है मौजूद
सौंफ के बीजों में फाइबर पाया जाता है। हालांकि, भोजन के बाद खाई जाने वाली थोड़ी मात्रा से मिलने वाला फाइबर सीमित होता है। इसलिए रोजाना की फाइबर जरूरत पूरी करने के लिए केवल सौंफ पर निर्भर रहना सही नहीं है।

4. एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले तत्व
सौंफ में कई प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण देखे गए हैं। लेकिन इसे किसी बीमारी की रोकथाम या इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

मिश्री खाने के क्या फायदे हैं?

सौंफ के साथ मिश्री खाने से इसका स्वाद बेहतर हो जाता है और मुंह में मिठास भी बनी रहती है। लेकिन मिश्री को सामान्य चीनी से अलग या ज्यादा हेल्दी मानना सही नहीं है। इसमें मुख्य रूप से शुगर होती है और अधिक मात्रा में खाने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी और चीनी की मात्रा बढ़ सकती है।

इसलिए अगर आप सौंफ के साथ मिश्री लेते हैं तो इसकी मात्रा छोटी रखना बेहतर है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी शुगर या कैलोरी की मात्रा नियंत्रित करना चाहते हैं।

सौंफ और मिश्री साथ खाने का क्या असर होता है?

सौंफ और मिश्री का मेल मुख्य रूप से भोजन के बाद स्वाद और ताजगी के लिए लिया जाता है। सौंफ का स्वाद कुछ लोगों को तीखा या तेज लग सकता है, ऐसे में थोड़ी मिश्री इसके स्वाद को संतुलित कर देती है। इसे किसी बीमारी का इलाज या स्वास्थ्य संबंधी समस्या का समाधान समझना उचित नहीं है।

कितनी मात्रा में खानी चाहिए?

खाने के बाद थोड़ी मात्रा में सौंफ लेना पर्याप्त माना जा सकता है। इसके साथ मिश्री लेते हैं तो उसकी मात्रा कम रखना बेहतर है। खासकर रोजाना सौंफ-मिश्री खाने की आदत है तो मिश्री की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।

किन लोगों को रखनी चाहिए सावधानी?
डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या वाले लोगों को मिश्री की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
वजन कम करने या नियंत्रित करने वालों को मिश्री से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी का ध्यान रखना चाहिए।
सौंफ खाने के बाद एलर्जी, पेट में परेशानी या कोई असामान्य प्रतिक्रिया महसूस हो तो इसका सेवन रोककर डॉक्टर से सलाह लें।
किसी बीमारी के इलाज के लिए केवल सौंफ या मिश्री पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, दवा या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता दें।

(साभार)

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!