Breaking News :
>>मंत्री रेखा आर्या ने किया 110 शिकायतों का मौके पर निस्तारण>>राजस्व वसूली, गैस वितरण, अतिक्रमण और एसआईआर की प्रगति की समीक्षा, जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश>>रेल परियोजनाओं के बजट में 25 गुना वृद्धि, 40,384 करोड़ की नई लाइनें स्वीकृत>>मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई राज्य ब्रॉडबैण्ड समिति की 9वीं बैठक>>पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय>>मुख्यमंत्री धामी ने श्री श्री रविशंकर से की शिष्टाचार भेंट>>मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून–मसूरी मार्ग पर एक अतिरिक्त वैली ब्रिज निर्माण के अधिकारियों को दिए निर्देश>>‘धुरंधर द रिवेंज’ ने एडवांस बुकिंग में तोड़े कई रिकॉर्ड, रिलीज से पहले मचाया धमाल>>कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक>>मुख्यमंत्री धामी ने देखी ‘द केरल स्टोरी 2’>>मिलावटखोरों के विरूद्ध प्रदेशभर में चलेगा विशेष अभियान- डाॅ. धन सिंह रावत>>देहरादून में एमडीडीए का शिकंजा, अवैध निर्माणों पर ताबड़तोड़ सीलिंग की कार्रवाई>>मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में डिजिटल शिक्षा की दिशा में जिला प्रशासन की ऐतिहासिक पहल, सभी 168 विद्यालयों में पहुँचे स्मार्ट टीवी>>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉल ऑफ देहरादून में देखी बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’>>कलम के सिपाही : ईश्वर प्रसाद उनियाल, जिनकी लेखनी आज भी दिखा रही समाज को राह>>देहरादून में अवैध निर्माण करने वालों पर एमडीडीए का शिकंजा>>चारधाम यात्रा-2026 : 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण>>मुख्य सचिव ने किया भवाली-रातिघाट बाईपास, श्री कैंचीधाम मंदिर में निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण>>37वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने की एच. एन. बहुगुणा को भारत रत्न देने की मांग>>कुठालवाली में सामुदायिक भवन का लोकार्पण, क्षेत्रवासियों को मिली नई सौगात
उत्तराखण्ड

अगले सत्र से लागू होगा फीस एक्ट: शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय

देहरादून: निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने को एनसीईआरटी की किताबें लागू करने के बाद राज्य सरकार अब फीस को नियंत्रित कर अभिभावकों और छात्रों को राहत देने जा रही है। हालांकि, यह राहत चालू नए शैक्षिक सत्र 2018-19 में मिलने के आसार नहीं हैं। अलबत्ता, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने अगले शैक्षिक सत्र से इसे लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा कि फीस रेग्युलेशन एक्ट का ड्राफ्ट एक माह में तैयार होगा। एक्ट के जरिये राज्य सरकार प्री-प्राइमरी, प्राइमरी, जूनियर, सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं के लिए अधिकतम निर्धारित करेगी।

सचिवालय में सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि एनसीईआरटी किताबों के संबंध में हाईकोर्ट का फैसला देशभर के लिए नजीर बनेगा। आदेश की कॉपी मिलने पर राज्य सरकार उसका अनुपालन करेगी। रेफरेंस बुक के संबंध में उन्होंने और शिक्षा सचिव ने निजी स्कूल संचालकों के साथ बैठक की थी। बैठक में स्कूलों को रेफरेंस बुक की सूची शिक्षा महकमे को देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन स्कूलों ने ये सूची अब तक नहीं सौंपी है।

उन्होंने कहा कि आम अभिभावकों व छात्र-छात्राओं को राहत देने के लिए राज्य सरकार अब उत्तराखंड सेल्फ फाइनेंस्ड इंडीपेंडेंट स्कूल्स (रेग्युलेशन ऑफ फी) एक्ट लाने जा रही है। इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। चालू सत्र प्रारंभ होने और एक्ट को लागू करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस साल एक्ट को लागू करने में कठिनाई आ सकती है। अगले सत्र से एक्ट लागू करने को सरकार प्रतिबद्ध है। एक्ट के दायरे में सीबीएसई, आइसीएसई व उत्तराखंड बोर्ड से संबद्ध सभी निजी स्कूल होंगे।

जिलास्तरीय फी रेग्युलेटरी कमेटी में होंगे निम्न सदस्य:

-जिलाधिकारी

-मुख्य शिक्षा अधिकारी

-जिलाधिकारी नामित चार्टर्ड एकाउंटेंट

-लोनिवि के अधिशासी अभियंता

-जिलाधिकारी नामित कोई अभिभावक

-जिलाधिकारी नामित निजी स्कूल प्रबंधक या प्रधानाचार्य

समिति के कार्य:

-जो विद्यालय फीस से सहमत नहीं होंगे, वे सत्र प्रारंभ होने से तीन माह पहले फीस निर्धारण के संबंध में समिति को देंगे प्रत्यावेदन

-समिति का कार्यकाल दो वर्ष होगा

-समिति आवेदन प्राप्त होने के एक माह में करेगी फीस पुनर्निर्धारण

-फीस में अनियमितता संबंधी शिकायतों का करेगी निपटारा

-पहली बार शिकायत सही पाए जाने पर एक लाख रुपये, दूसरी बार शिकायत सही पाए जाने पर पांच लाख रुपये और तीसरी बार शिकायत सही पाए जाने पर मान्यता समाप्ति या अनापत्ति वापस लेने की कार्यवाही

राज्य स्तर पर गठित स्टेट अपीलेट अथॉरिटी में होंगे निम्न सदस्य:

-शिक्षा सचिव

-शिक्षा निदेशक

-शिक्षा सचिव नामित चार्टर्ड एकाउंटेंट

-लोनिवि मुख्य अभियंता

-सचिव से नामित कोई अभिभावक

-सचिव से नामित निजी स्कूल प्रबंधक या प्रधानाचार्य

समिति के कार्य:

-जिलास्तरीय समिति के फैसले के विरुद्ध अपील की जा सकेगी

-समिति एक माह में प्रकरण का निस्तारण करेगी

-सत्र प्रारंभ होने से पहले सभी विद्यालय अपने शुल्क का विवरण वेबसाइट पर अनिवार्य प्रकाशित करेंगे।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!