Breaking News :
>>जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार”- बड़ोलीबड़ी में बहुउद्देशीय शिविर सम्पन्न, 106 ग्रामीण हुए लाभान्वित>>श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन>>खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत>>हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी>>रसोई गैस के दाम बढाकर मोदी सरकार ने गरीब का चूल्हा बुझाने का किया है काम- ज्योति रौतेला>>दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना>>ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1>>संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला>>आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज>>पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी>>प्रेस टूर पर देहरादून पहुंचे ओडिशा के पत्रकारों के दल ने उत्तराखंड के राज्यपाल से की भेंट>>घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज>>उत्तराखंड के हर ब्लॉक में बनेंगे मिनी स्टेडियम- मुख्यमंत्री धामी>>देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान>>महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए- कुसुम कंडवाल>>खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ>>रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर यूथ कांग्रेस का हल्ला बोल>>प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा- त्रिवेन्द्र>>‘डकैत’ की रिलीज टली, अब फिल्म 10 अप्रैल को देगी सिनेमाघरों में दस्तक>>पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से की मुलाकात
आर्थिक गतिविधियाँताज़ा खबरें

चीन के नहीं बल्कि अब भारत के फर्नीचर से ही सजाए जायेंगे देश के होटल व बड़े-बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट

आकाश ज्ञान वाटिका, 24 अक्टूबर 2020, शनिवार। दुनिया के फर्नीचर बाजार में भारत की इंट्री की तैयारी इन दिनों जोरों पर हैं। अभी वैश्विक फर्नीचर निर्यात बाजार में भारत की हिस्सेदारी एक फीसद भी नहीं है। भारत चीन से होने वाले एक अरब डॉलर के फर्नीचर आयात को भी कम करना चाहता है, ताकि भारत के होटल व बड़े-बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट में बनने वाले घर चीन के नहीं बल्कि भारत के फर्नीचर से सजाए जा सके।

वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय ने फर्नीचर उद्योग में निर्यात एवं घरेलू बाजार की भारी संभावना को देखते हुए इसके विकास के लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाई है। आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु ने तो फर्नीचर क्लस्टर निर्माण के लिए स्थान एवं जमीन का चयन भी कर लिया है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआइ) को पीलीभीत में फर्नीचर क्लस्टर विकसित करने के लिए जमीन की पेशकश की है।

 भारत में फर्नीचर का संगठित बाजार है सिर्फ 5 अरब डॉलर का

विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में फर्नीचर का संगठित बाजार सिर्फ 5 अरब डॉलर का है। इनमें से 1.6 अरब डॉलर भारत निर्यात करता है। वास्तव में यह निर्यात लकड़ी से निर्मित हैंडीक्राफ्ट्स आइटम का किया जाता है जिसे फर्नीचर निर्यात में शामिल किया गया है। फर्नीचर का वैश्विक निर्यात बाजार 246 अरब डॉलर का है और दुनिया के पांच देश निर्यात बाजार में 50 फीसद से अधिक की हिस्सेदारी रखते हैं। 75 अरब डॉलर के निर्यात के साथ चीन पहले नंबर पर है तो 19 और 17 अरब डॉलर के निर्यात के साथ जर्मनी और पोलैंड क्रमश: दूसरे व तीसरे स्थान पर है।

दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे में क्लस्टर निर्माण होने से मिलेगा फायदा 

विदेश व्यापार विशेषज्ञों ने बताया कि दस साल पहले वियतनाम का फर्नीचर निर्यात एक अरब डॉलर से कम था जो अब 10.6 अरब डॉलर का हो गया। वियतनाम को मुख्य रूप से चीन और अमेरिका के ट्रेड वार का फायदा मिला। टीपीसीआइ के चेयरमैन मोहित सिंगला कहते हैं, विश्व में फर्नीचर का सबसे बड़ा आयातक अमेरिका और कनाडा है और चीन अपना 46 फीसद निर्यात इन देशों को करता है। अभी चीन के खिलाफ अमेरिका में जो हालात बन रहे हैं भारत उसका फायदा उठाकर आसानी से फर्नीचर निर्यात को बढ़ा सकता है।

उन्होंने बताया कि टीपीसीआइ की गुजारिश पर हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार से पीलीभीत में फर्नीचर क्लस्टर निर्माण के लिए जमीन की पेशकश की है, लेकिन भारत के संगठित फर्नीचर निर्माताओं का कहना है कि दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे में क्लस्टर निर्माण होने से फायदा मिलेगा क्योंकि आधुनिक फर्नीचर के अधिकतर खरीदार शहरी होते हैं। आंध्र प्रदेश ने 1500 एकड़ में फैले औद्योगिक इलाके में फर्नीचर पार्क विकसित करने का ऑफर दिया है तो तमिलनाडु ने थुथुकुडी जिले में फर्नीचर पार्क बनाने के लिए जमीन की पेशकश की है।

विशेषज्ञों ने बताया कि भारत के सभी बड़े होटल व हाउसिंग प्रोजेक्ट में लगने वाले फर्नीचर चीन से मंगाए जाते हैं। शहरी इलाके में मशीन से निर्मित आधुनिक फर्नीचर की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत में मुख्य रूप से पारंपरिक फर्नीचर बनाए जाते हैं और गोदरेज जैसी कुछ कंपनियां ही आधुनिक डिजाइन वाले फर्नीचर बनाते हैं।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!