पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियाँ गिनाईं

आकाश ज्ञान वाटिका, 19 मार्च 2021, शुक्रवार, देहरादून। उत्तराखंड की भाजपा सरकार के चार साल पूरे होने की तारीख गुजर गई, मगर किसी को इसका पता भी नहीं चला। बदली परिस्थितियों में गुरुवार को न तो नई सरकार ने इस मौके पर कोई कार्यक्रम आयोजित किया और न भाजपा संगठन ने। वह भी तब, जबकि पिछली त्रिवेंद्र सरकार ने इसके लिए जोर-शोर से तैयारियां की थीं। अलबत्ता, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां जरूर गिनाईं।
प्रदेश में भाजपा सरकार के चार साल 18 मार्च को पूरे हुए। पूर्ववर्ती त्रिवेंद्र सरकार ने इस उपलब्धि को जोर -शोर से मनाने की तैयारी की थी। इसके लिए वृहद स्तर पर कार्यक्रम प्रस्तावित कर इनकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। इस बीच प्रदेश सरकार में नेतृत्व परिवर्तन भी हो गया। नेतृत्व परिवर्तन के बाद तीरथ सरकार ने तैयारियां पूरी न होने के मद्देनजर वृहद स्तर पर होने वाले यह कार्यक्रम रद कर दिए थे। कहा गया कि कुछ समय बाद यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय भी लिया गया था कि 18 मार्च को विधानसभा स्तर पर विधायकों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सरकार के चार साल की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाई जाएंगी। हालांकि, 18 मार्च आई और बीत भी गई, लेकिन पूरे प्रदेश में कहीं कोई कार्यक्रम आयोजित हुआ, ऐसा नजर नहीं आया।
भाजपा संगठन ने भी सरकार के रुख को देखते हुए कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने से गुरेज किया। इतना जरूर हुआ कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मीडिया से बातचीत के दौरान सरकार की चार साल की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में उन्हें करीब चार साल प्रदेश की जनता की सेवा करने का मौका मिला। इस अवधि में प्रदेश के विकास के लिए एतिहासिक कार्य किए गए। उन्होंने पूरी ईमानदारी के साथ पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने का कार्य किया। इसकी उन्हें पूरी संतुष्टि है। उन्होंने कहा कि सरकार के चार साल पूरे होने के नौ दिन पहले तक प्रदेश में जितने कार्य हुए उन्हें एतिहासिक कालखंड के रूप में याद किया जाता रहेगा। चाहे वह स्वास्थ्य के क्षेत्र में अटल आयुष्मान योजना हो, गरीब जनता को एक रुपये नल से जल की योजना, महिलाओं को पति की पैतृक संपत्ति में सहखातेदार बनाने की योजना हो या फिर मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना। उनके कार्यकाल में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का भी एतिहासिक फैसला लिया गया।
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