Breaking News :
>>जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम एवं आपदा परिचालन केन्द्र का किया निरीक्षण>> “अपनापन – नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव” पुस्तक का विमोचन, कृषि मंत्री गणेश जोशी हुए शामिल>>आयुक्त गढ़वाल मंडल ने अधिकारियों के साथ की समन्वय एवं परिचयात्मक बैठक>>आईपीएल 2026 : क्वालिफायर-1 में आज आरसीबी और गुजरात टाइटंस होंगी आमने-सामने>>‘अपनापन–नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ पुस्तक का लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी>>उत्तराखंड में बकरीद अवकाश की तारीख बदली, अब 28 मई को रहेगा सार्वजनिक अवकाश>>गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर बिना फिटनेस और ओवरलोड वाहनों पर कसेगा शिकंजा, जिलाधिकारी के सख्त निर्देश>>उत्तराखंड में गर्मी का कहर जारी, देहरादून में तापमान 40 डिग्री के पार>>सामंथा की ‘मां इंटी बंगारम’ का ट्रेलर रिलीज, 19 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म>>NSG के मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में उत्तराखंड के वीरों ने एवरेस्ट पर लहराया तिरंग>>हल्द्वानी में बनेगा अत्याधुनिक कुमाऊँ मीडिया सेंटर, मुख्यमंत्री धामी ने किया शिलान्यास>>एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर शिकंजा, ऋषिकेश से विकासनगर तक ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई>>देहरादून को मिला नया नेतृत्व, डॉ. आशीष चौहान ने संभाली जिलाधिकारी की कमान>>मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं- महाराज>>स्वामी विवेकानंद की विचारधारा युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती है-  गणेश जोशी>>मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा में 89 लाख रुपये की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण>>‘वेलकम टू द जंगल’ का नया गाना ‘घिस घिस घिस’ रिलीज, अक्षय-अक्षरा की जोड़ी ने जीता दिल>>लंबित स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 391 पदों को कैबिनेट में लाकर जल्द पुनर्जीवित करने की मांग>>मुख्यमंत्री ने समस्त जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक>>शराब पीकर सड़क पर हंगामा करने वाला कार चालक गिरफ्तार, वाहन सीज
उत्तराखण्डदेहरादून

सोशल मीडिया का मायाजाल तोड़ रहा परिवारों की नींव, राज्य महिला आयोग ने जताई गंभीर चिंता

सोशल मीडिया की चकाचौंध में खो रही नई पीढ़ी और बिखर रहे संस्कार, महिला आयोग की अध्यक्ष ने माता-पिता को किया आगाह

स्क्रीन की चमक से रिश्ते नहीं चमकते : कुसुम कंडवाल

सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क बढ़ा रहा साइबर अपराध और अनैतिक रिश्तों का जाल : कुसुम कंडवाल

आकाश ज्ञान वाटिका, बुधवार, 11 फ़रवरी 2026, देहरादून। आधुनिकता की दौड़ में सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव अब समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में बढ़ते दुष्प्रभावों और बिखरते पारिवारिक ताने-बाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी और बच्चे सोशल मीडिया की चकाचौंध में अपनी वास्तविक राह से भटक रहे हैं। आयोग ने इस समस्या की मुख्य जड़ ‘पारिवारिक समन्वय की कमी’ को माना है। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने समाज में सोशल मीडिया के बढ़ते घातक प्रभावों और उससे उपजी गंभीर समस्याओं पर संज्ञान लिया है।

उन्होंने अनुभव के आधार पर विश्लेषण के साथ भयावह पहलू पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के संपर्क में आने से महिलाएं और बेटियां लगातार साइबर अपराध और अनैतिक रिश्तों के जाल में फंस रही हैं। ‘डिजिटल फ्रेंडशिप’ के नाम पर बन रहे ये अवैध रिश्ते न केवल वैवाहिक जीवन को तबाह कर रहे हैं, बल्कि मासूम जिंदगियों को भी गलत रास्ते पर ले जा रहे हैं।

आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी और बच्चे सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में इस कदर फंस गए हैं कि उनका अपने परिवार, अपनी संस्कृति और संस्कारों से नाता पूरी तरह टूटता जा रहा है। घर के बुजुर्गों और माता-पिता के साथ बच्चों का रिश्ता अब नाममात्र का रह गया है क्योंकि बच्चे मोबाइल की चकाचौंध में अपनी एक अलग ही काल्पनिक दुनिया बना लेते हैं और उसे ही अपना सब कुछ मान बैठते हैं।

उन्होंने कहा कि संस्कारों से यही कटाव बेटियों और महिलाओं के भटकने की मुख्य कड़ी बन रहा है। सोशल मीडिया के मायाजाल में फंसकर लड़कियां धीरे-धीरे परिवार से भावनात्मक रूप से कट जाती हैं और इस दलदल में धंसती चली जाती हैं। विशेष रूप से जो लड़कियां घर से बाहर पढ़ाई या नौकरी के लिए दूसरे शहरों में रह रही हैं, वे अक्सर अनजान लोगों के संपर्क में आकर बिना सोचे-समझे ‘लिव-इन’ जैसे रिश्तों में बंध रही हैं। आयोग ने चेतावनी दी है कि ऐसे रिश्तों के परिणाम प्रायः दुखद और असफल होते हैं, जो न केवल एक जीवन को बर्बाद करते हैं बल्कि पूरे परिवार को मानसिक और सामाजिक पीड़ा देते हैं।

विकट स्थिति को देखते हुए कुसुम कंडवाल ने बतौर राज्य महिला आयोग अध्यक्ष अभिभावकों के लिए एक विशेष अपील की है कि माता-पिता अपने बच्चों से नियमित संवाद करें और उनके साथ दोस्ताना व्यवहार रखते हुए उनके दिनभर की गतिविधियों की जानकारी लें। यह अत्यंत आवश्यक है कि समय-समय पर बच्चों के रहन-सहन, उनकी संगत और उनकी बदलती आदतों को बारीकी से परखा जाए। माता-पिता की सक्रिय निगरानी और बच्चों के साथ उनका मजबूत भावनात्मक रिश्ता ही उन्हें इस डिजिटल दलदल से बाहर निकाल सकता है और समाज को पतन की ओर जाने से रोक सकता है।

​उन्होंने महिलाओं और बेटियों को कहा कि ​”स्क्रीन की चमक से रिश्ते नहीं चमकते, रिश्तों की चमक अपनों के साथ समय बिताने और संवाद से आती है। तकनीक का उपयोग स्वयं की उन्नति के लिए, अपनी संस्कृति और संस्कारों को समझने के लिए करें।”

उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग इस मामले पर संज्ञान लेते हुए हर प्रकार से हमारी भावी पीढ़ी सहित उनके अभिभावकों एवं परिजनों को भी जागरूक करने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा के सरकार एव आयोग पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है, परंतु परिवार के लोगों को भी इसमें अपनी अहम भूमिका निभानी होगी। सोशल मीडिया के माध्यम से समाज की मुख्य धारा से जुड़ने के साथ साथ हमें अपने परिवार में समन्वय बनाकर संस्कृति के नैतिक मूल्यों और संस्कारों को सीखना एवं समझना होगा।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!