Breaking News :
>>राज्य और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में देरी नहीं होगी बर्दाश्त- डीएम चौहान>>अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा प्रहार, जीएमएस रोड और शिमला रोड के दो निर्माण सील>>सीएम घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दिए कड़े निर्देश>>‘हाउस ऑफ़ स्वाशा’ की सह-संस्थापिका स्वाति खंडूरी डिमरी ने कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से की शिष्टाचार भेंट>>आपदा पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश>>पीएम मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने दी बधाई>>अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले भारत को बड़ा झटका, हार्दिक पांड्या हुए बाहर>>काशीपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, कार से भारी मात्रा में अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद>>‘अल्फा’ का धमाकेदार टीजर रिलीज, एक्शन अवतार में छाई आलिया भट्ट>>मसूरी रोड पर दर्दनाक हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, चार लोगों की मौत>>प्रदेश में कूड़ा प्रबंधन के लिए 500 नए वाहन दिए जाएंगे>>SDRF के साहसिक अभियान ने बचाई दो युवकों की जान, 150 मीटर गहरी खाई से किया सकुशल रेस्क्यू>>कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कराटे चैंपियनशिप के विजेताओं को किया सम्मानित>>अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा वार, कुल्हान और चन्द्रवनी में चार भवन सील>>विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 1882 मतदेय स्थलों पर घर-घर पहुँच रहे बीएलओ>>देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू>>मोदी सरकार के 12 साल : मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ अभूतपूर्व विस्तार>>मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण>>मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बाँटे नियुक्ति पत्र>>कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुँचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
ताज़ा खबरेंदेशराजनैतिक-गतिविधियाँ

किरती किसान यूनियन ने किया चुनाव मैदान में नहीं उतरने का फैसला, भाजपा के कार्यक्रमों का अब नहीं होगा विरोध

आकाश ज्ञान वाटिका, 30 दिसम्बर 2021, गुरुवार, चंडीगढ़। किरती किसान यूनियन ने आने वाले पंजाब विधानसभा में न उतरने का फैसला किया है। संगठन ने साथ ही संयुक्त समाज मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ने वाले किसान संगठनों से भी अपील की है कि वे संयुक्त किसान मोर्चा की एकता को बनाए रखने के लिए चुनाव में न उतरे। उन्होंने कहा कि संघर्ष के जरिए ही अभी तक संगठन ने तीन खेती कानूनों को वापस लेने जैसी लड़ाई जीती है। इसे बरकरार रखा जाए

आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किरती किसान यूनियन के प्रधान निर्भय सिंह ढूढीके और रजिंदर सिंह दीप सिंह वाला ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को खत्म करवाने के लिए जो आंदोलन शुरू किया गया था उसके कई मसले अभी भी लंबित हैं। उन्हें सरकारों से लागू करवाने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी है, इसलिए वे चुनावी लड़ाई में पडकर इस लड़ाई को कमजोर न करें।

राजिंदर सिंह दीप सिंह वाला ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी एक मुहिम चलाएगी, जिसमें लोगों से संबंधित मसलों को रखा जाएगा और मतदाताओं से अपील की जाएगी कि जो पार्टी इन मुद्दों पर अपनी बात रखती है केवल उसी को वोट करें और अगर कोई पार्टी ऐसा नहीं करती तो नोटा का बटन दबाएं। मुद्दों के बारे में उन्होंने बताया कि हरे इन्क्लाब ने पंजाब के पर्यावरण को खराब कर दिया है इसलिए किसान व कुदरत पक्षीय माडल लाए जाने की जरूरत है। इसके अलावा लैंड सीलिंग एक्ट को सख्ती से लागू करने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि जितनी जमीन अतिरिक्त बचेगी उसे भूमिहीन किसानों के बीच में वितरित किया जाए। बेरोजगारी और ड्रग्स के मसलों को हल करने के लिए खेती आधारित उद्योगों को लगाने की भी उन्होंने मांग की।

किरती किसान यूनियन के नेताओं ने संयुक्त समाज मोर्चा के किसानों द्वारा चुनाव न लड़ने वाले किसान संगठनों पर आरोप लगाने का कड़ा नोटिस लिया है। उन्होंने कहा कि यह किसान संगठनों की एकता को नुकसान पहुंचाएगा। किरती किसान यूनियन के नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब किसान संगठन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रमों का विरोध नहीं करेंगे।

किरती किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि 3 खेती कानूनों को लेकर की संयुक्त किसान मोर्चा ने फैसला लिया था कि वे भाजपा के कार्यक्रम नहीं होने देंगे, लेकिन अब जब तीनों खेती कानून वापस लिए जा चुके हैं तो अब इस फैसले पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। राजनीतिक पार्टियों को किसानों की स्टेज पर न आने देने के सवाल के जवाब में रजिंदर पाल सिंह ने कहा कि अब किसान संगठनों ने भी अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली है। ऐसे में उन्हें अब संयुक्त किसान मोर्चा की बैठकों में आने देना है या नहीं इस पर फैसला 15 जनवरी को लिया जाएगा।

किरती किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि हमने उनसे अपील की हुई है कि वे राजनीतिक लड़ाई न लड़ें इसलिए उनके फैसले का इंतजार करने के बाद ही हम अपनी बात रखेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि संयुक्त समाज मोर्चा बनने के बाद किसानों की एकता को धक्का जरूर लगा है, लेकिन यह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जो संगठन लोगों के मुद्दों की आवाज उठाते हैं लोग उन्हीं के साथ रहते हैं। राजिंदर पाल सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन से पहले वीएम सिंह एक बड़ा नाम हुआ करता था, लेकिन जब उन्होंने किसानों के खिलाफ स्टैंड लिया तो आज उनका कोई नाम लेने वाला भी नहीं है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!