Breaking News :
>>पौड़ी में महिला उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई, महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने दिए जांच के आदेश>>मुख्यमंत्री धामी ने भराड़ीसैंण में अग्निवीर कैडेट्स से किया संवाद>>गैस संकट के बीच कमर्शियल सिलेंडरों की सामान्य सप्लाई पर रोक>>ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी, तेल आपूर्ति रोकने पर होगी बड़ी कार्रवाई>>बीते चार साल में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण व पुननिर्माण किया गया- महाराज>>बदलती जीवनशैली और अनियमित खान-पान से बढ़ रहा किडनी रोग का खतरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी>>पौड़ी के जामलाखाल क्षेत्र में गुलदार के हमले से एक व्यक्ति की मौत>>रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का नया पोस्टर जारी>>महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष फोकस वाला बजट- रेखा आर्या>>ऐतिहासिक और समावेशी बजट से प्रदेश के विकास को मिलेगी नई गति- कृषि मंत्री गणेश जोशी>>अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन किया सील>>सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ़ कालेज में वार्षिक खेल-कूद प्रतियोगिता का आगाज, “नशे को ना और खेल को हाँ” का संदेश>>कृषि विभाग में अनियमितताओं के प्रकरण में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिए जाँच के आदेश>>नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्यपाल के अभिभाषण को बताया निराशाजनक और दिशाहीन>>‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत, दूरस्थ महिलाओं को न्याय दिलाने की बड़ी पहल>>मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹ 1.11 लाख करोड़ का बजट>>इंडोनेशिया में बड़ा हादसा, भारी बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर ढहा, 5 लोगों की मौत>>कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी>>गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प>>आलिया भट्ट की आगामी फिल्म ‘अल्फा’ का पोस्टर जारी, रिलीज डेट का भी हुआ एलान
Articles

वैश्विक ऊंचाई पर भारतीय खिलौना कारोबार

डॉ  जयंतीलाल
व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा हालिया प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के खिलौना उद्योग ने वित्त वर्ष 2014-15 से 2022-23 के बीच तेज प्रगति की है।  इस अवधि में निर्यात में 239 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई, जबकि आयात में 52 प्रतिशत तक की कमी आयी।  इससे यह रेखांकित होता है कि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से भारत का खिलौना उद्योग वैश्विक ऊंचाई पर है।  इस अभियान ने चीन को झटका देते हुए खिलौना निर्माण को भारत के लिए फायदे का सौदा साबित कर दिया है।  चीन से खिलौनों की खरीदारी करने वाले कई देश अब भारत का रुख कर रहे हैं।  यह कोई छोटी बात नहीं हैं क्योंकि कोई एक दशक पहले खिलौनों की भारत से मुश्किल से ही किसी तरह की खरीद होती थी।  इस समय हैस्ब्रो, मैटल, स्पिन मास्टर और अर्ली लर्निंग सेंटर जैसे खिलौने के वैश्विक ब्रांड आपूर्ति के लिए भारत पर अधिक निर्भर हैं।  इटली की दिग्गज कंपनी ड्रीम प्लास्ट, माइक्रोप्लास्ट और इंकास आदि भी अपना ध्यान चीन से हटाकर भारत पर केंद्रित कर रही हैं।  पांच-छह वर्ष पहले तक भारत खिलौनों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर था और 80 फीसदी से अधिक खिलौने चीन से आयात किये जाते थे।  विभिन्न सर्वेक्षणों में लगातार कहा जा रहा था कि चीन से आयातित दो-तिहाई खिलौने असुरक्षित थे।  उनमें सीसा, कैडमियम और बेरियम जैसे असुरक्षित तत्व पाये गये थे।

भारतीय खिलौना उद्योग की बहुत कम समय में हासिल ऐसी सफलता की कभी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी।  भारत का खिलौना निर्यात पांच-छह वर्षों में तेजी से बढ़कर 2,600 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।  भारत से अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, यूएइ, दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों को खिलौने निर्यात किये जा रहे हैं।  इस समय भारतीय खिलौना उद्योग का कारोबार करीब 1। 5 अरब डॉलर का है, जो वैश्विक बाजार हिस्सेदारी का 0। 5 फीसदी मात्र है, पर जिस तरह इस उद्योग को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, उससे इसके इसी वर्ष तीन अरब डॉलर तक होने की संभावना है।  इस बढ़ोतरी के कई कारण हैं।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार-बार देश के लोगों से स्वदेशी भारतीय खिलौने खरीदने, घरेलू डिजाइनिंग सुदृढ़ बनाने, भारत को खिलौनों के लिए एक वैश्विक विनिर्माण हब बनाने की अपील की है।  बिक्री के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) की मंजूरी जरूरी होना, संरक्षणवाद, चीन-प्लस-वन रणनीति और मूल सीमा शुल्क बढ़ाकर 70 प्रतिशत करने जैसे उपायों से खिलौना उद्योग में तेजी आयी है।  बीआइएस ने घरेलू निर्माताओं को 1,200 से अधिक लाइसेंस और विदेशी निर्माताओं को 30 से अधिक लाइसेंस प्रदान किये हैं।

सरकार के प्रयासों से भारतीय खिलौना उद्योग के लिए अधिक अनुकूल विनिर्माण परितंत्र बनाने में मदद मिली है।  वर्ष 2014 से 2020 तक की अवधि में विनिर्माण इकाइयों की संख्या दोगुनी हो गयी, जबकि आयातित वस्तुओं पर निर्भरता 33 प्रतिशत से घटकर 12 प्रतिशत हो गयी।  वर्तमान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमइ) मंत्रालय 19 खिलौना उत्पादन केंद्रों की मदद कर रहा है तथा वस्त्र मंत्रालय 13 केंद्रों को डिजाइनिंग करने और जरूरी साधन मुहैया कराने में सहयोग कर रहा है।  स्वदेशी खिलौनों को बढ़ावा देने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रचार पहल भी की गयी हैं, जिनमें इंडियन टॉय फेयर 2021, टॉयकैथॉन आदि शामिल हैं।  विदेश व्यापार महानिदेशालय ने घटिया स्तर के खिलौनों के आयात पर अंकुश लगाने के लिए प्रत्येक आयात खेप का नमूना परीक्षण अनिवार्य कर दिया है।  वर्ष 2014-15 के बाद से इस बार के अंतरिम बजट तक में लगातार सरकार ने खिलौना उद्योग के विकास के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहन और समर्थन देने की पहल की है।  खिलौना उद्योग को देश के 24 प्रमुख सेक्टरों में स्थान दिया गया है।

मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की नीतिगत पहलों के साथ-साथ घरेलू निर्माताओं के प्रयासों से भारतीय खिलौना उद्योग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।  पर अभी भी कई बाधाएं हैं।  भारतीय खिलौना उद्योग में विकास को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक कार्य योजना, संबंधित एजेंसियों के बीच उपयुक्त तालमेल व चीन की तरह देश में खिलौने के विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाने की जरूरत है।  खिलौनों पर जीएसटी दर में कटौती की जानी चाहिए।  अधिकांश भारतीय खिलौने ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर उपलब्ध होने चाहिए, ताकि घरेलू खिलौनों की बिक्री बढ़ सके।  पारंपरिक और यांत्रिक खिलौनों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना शीघ्र शुरू की जाए।  सुगठित खिलौना प्रशिक्षण और डिजाइन संस्थान की स्थापना को मूर्त रूप देना होगा।  बैंकों से ऋण तथा वित्तीय सहायता संबंधी बाधाओं को दूर करना होगा।  हम उम्मीद करें कि सरकार देश को खिलौनों का वैश्विक हब बनाने और खिलौनों के वैश्विक बाजार में चीन को अधिक टक्कर देने की डगर पर आगे बढ़ेगी।  घरेलू बाजार के सस्ते और गुणवत्तापूर्ण खिलौनों से बच्चों के चेहरों पर मुस्कुराहट बढ़ेगी।  अधिक निर्यात से विदेशी मुद्रा की कमाई के साथ-साथ रोजगार के मौके भी तेजी से बढ़ेंगे।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!