Breaking News :
>>अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले भारत को बड़ा झटका, हार्दिक पांड्या हुए बाहर>>काशीपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, कार से भारी मात्रा में अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद>>‘अल्फा’ का धमाकेदार टीजर रिलीज, एक्शन अवतार में छाई आलिया भट्ट>>मसूरी रोड पर दर्दनाक हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, चार लोगों की मौत>>प्रदेश में कूड़ा प्रबंधन के लिए 500 नए वाहन दिए जाएंगे>>SDRF के साहसिक अभियान ने बचाई दो युवकों की जान, 150 मीटर गहरी खाई से किया सकुशल रेस्क्यू>>कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कराटे चैंपियनशिप के विजेताओं को किया सम्मानित>>अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा वार, कुल्हान और चन्द्रवनी में चार भवन सील>>विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 1882 मतदेय स्थलों पर घर-घर पहुँच रहे बीएलओ>>देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू>>मोदी सरकार के 12 साल : मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ अभूतपूर्व विस्तार>>मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण>>मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बाँटे नियुक्ति पत्र>>कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुँचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही>>देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा>>फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज>>फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक>>दहेज की माँग को लेकर विवाहिता के साथ जघन्य अपराध पर महिला आयोग सख्त>>विश्वविद्यालयों में साइबर सुरक्षा के हो पुख्ता इंतजाम : डाॅ. धन सिंह रावत>>समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनीं 194 जन शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के सख्त निर्देश
उत्तराखण्ड

अस्पताल की शिकायत पेटिका ने खोला चिकित्सकों की कारगुजारी का राज

देहरादून। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां होने के बावजूद डॉक्टर बाहर से महंगी दवाएं लिख रहे हैं। इससे गरीब मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। ताज्जुब ये कि तमाम आदेश-निर्देश के बाद भी डॉक्टर अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे।

कोरोनेशन अस्पताल में शिकायत पेटिका खोली गई तो उसमें भी इससे जुड़ी तमाम शिकायतें मिली। जिस पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीसी रमोला ने चिकित्सकों को सख्त चेतावनी दी है। ऐसी कोई भी शिकायत दोबारा मिलने पर कार्रवाई की बात कही है।

कोरोनेशन अस्पताल में मरीजों की शिकायतों के लिए एक पेटी लगाई गई है। यह शिकायत पेटी महज औपचारिकता बनकर न रह जाए, इसलिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय समिति भी बनाई गई है।

समिति के सदस्यों के सम्मुख शिकायत पेटी खोली गई। इसमें बाहर से दवा लिखने समेत तमाम शिकायतें मिली। इसके अलावा अस्पताल के बाहर पीने के पानी की व्यवस्था, बाहर शौचालय की व्यवस्था, मोबाइल फोन चार्जिंग, छुट्टियों की जानकारी प्रदर्शित करने, परिसर में फोटोकॉपी की सुविधा की मांग भी मरीजों ने की है।

सीएमएस ने बताया कि ज्यादातर शिकायतें एक पखवाड़े के भीतर दूर कर दी जाएंगी। शौचालय की व्यवस्था के लिए एस्टिमेट मांगा गया है। दवा बाहर से लिखने की शिकायत पर डॉक्टरों को सख्त ताकीद की है कि आइंदा यह गलती न दोहराएं। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। समिति में डॉ. एसके नौटियाल, पीसी सेमवाल, सुनील नैथानी आदि शामिल रहे।

सीटी स्कैन की रिपेयर पर 40 लाख का खर्च

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 15 वर्ष पुरानी सीटी स्कैन मशीन को रिपेयर करने में करीब 40 लाख रुपये का खर्च आएगा। जिस पर अस्पताल प्रबंधन ने मौखिक तौर पर उच्चाधिकारियों को सूचित करने की बात कही है। इधर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि जब तक नई 64 स्लाइस की मशीन नहीं मिल जाती तब तक अस्पताल प्रबंधन अपने स्तर से मशीन को दुरुस्त कराएगा।

बीते सोमवार से दून अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन खराब होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में 2 स्लाइस वाली सीटी स्कैन मशीन है, जो 15 वर्ष पुरानी हो चुकी है। जिसकी मियाद 5 वर्ष पहले ही पूरी हो चुकी है। 64 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन की खरीद प्रक्रिया भी जारी है। इसमें अभी लंबा वक्त लग सकता है।

ऐसे में तब तक पुरानी मशीन को रिपेयर कराया जा रहा है। 5 करोड़ की लागत की ये मशीन 40 लाख का रिपेयर बजट मांग रही है। ऐसे में जुगाड़ पर चल रही मशीन अस्पताल प्रबंधन के लिए सफेद हाथी साबित होगा। जानकारों की मानें तो 2 स्लाइस की मशीन आउट ऑफ डेट हो चुकी है।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन अपने स्तर से इस मशीन को ठीक कराने जा रहा है। उन्होंने बताया कि नई मशीन कब तक आएगी इसको लेकर कोई डेडलाइन की जानकारी नहीं है।

दून अस्पताल में अब आइबीपी, बेरियम जांच

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले सैकड़ों मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है। यहां गुर्दा व पेट से संबंधित कई नई जांच शुरू की गई हैं। बीपीएल मरीजों की जांच जहां निश्शुल्क होगी, अन्य मरीजों को भी बहुत कम शुल्क पर यह सुविधा मिलेगी।

अस्पताल में किडनी संबंधी आइबीपी जांच व बेरियम जांच शुरू की गई है। अब तक ये जांचें यहां नहीं होती थी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि आइबीपी जांच निजी लैबों में 3500 रुपये में होती  है। अस्पताल में यह जांच केवल पांच सौ रुपये में होगी। वहीं, पेट संबंधी जांच बेरियम भी शुरू की गई है। यह जांच भी 500 रुपये में होगी, जबकि बाहर जांच 3 हजार रुपये तक में होती है।

प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि अस्पताल में लगातार सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। कई नई जांच शुरू कर दी गई हैं, जबकि कई अन्य जांच शुरू करने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा पैथोलॉजी जांच 24 घंटे करने की भी तैयारी है।

 

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!