मुख्यमंत्री ने सोमवार को कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ की महत्वपूर्ण बैठक

आकाश ज्ञान वाटिका। देहरादून, 30 मार्च 2020 (सू.ब्यूरो)।
- निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में ओपीडी खुली रहेगी।
- इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की मुख्यमंत्री के साथ बैठक।
- कोरोना से बचाव में सरकारी व निजी अस्पतालों में समन्वय पर विचार विमर्श।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए राज्य सरकार हर सम्भव कोशिश कर रही है। इसमें प्राईवेट चिकित्सा संस्थानों का सहयोग बहुत जरूरी है। वर्तमान में दून अस्पताल, महंत इंद्रेश अस्पताल, एम्स ऋषिकेश व हिमालयन अस्पताल में कोविड-19 कोरोना के मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखे गए हैं। यहाँ के चिकित्सकों को कोरोना के ईलाज मे नियुक्त किया गया है। इससे अन्य निजी अस्पतालों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। इसलिए सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम अपने यहाँ ओपीडी खुली रखें ताकि आमजन अन्य बिमारियों की दशा में अपना ईलाज सुगमता से करा सकें। सरकार निजी चिकित्सा संस्थानों को हर प्रकार की सहायता देगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निजी अस्पतालों में ओपीडी की व्यवस्था सही रखने में सहयोग करें। मेडिकल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि कोरोना से लड़ाई में सरकार का पूरा सहयोग किया जाएगा। यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं पूरे देश और समाज की है।
बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ धनसिंह रावत, मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, सचिव स्वास्थ्य श्री नितेश झा, एनएचएम के निदेशक श्री युगल किशोर पंत, आईएमए के अध्यक्ष डॉ0 अजय खन्ना, सीएमआई के चेयरमैन डॉ0 आरके जैन, डॉ0 महेश कुडियाल, डॉ0 अरविंद ढाका, डॉ0 डीडी चौधरी, डॉ0 अजीत गैरोला, डॉ0 सिद्धार्थ गुप्ता, डॉ0 संजय गोयल, डॉ0 कृष्ण अवतार, डाॅ0 प्रवीण मित्तल, डॉ शनवीर बामरा आदि उपस्थित थे।
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