Breaking News :
>>उत्तराखंड में बढ़ी वनाग्नि की घटनाएं, फायर सीजन में अब तक 73 मामले दर्ज>>महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने महिला हेल्प डेस्क एवं साइबर सेल का किया औचक निरीक्षण>>मुखानी पुलिस ने चोरी के आरोपी को किया गिरफ्तार, 13 लाख के जेवरात और नकदी बरामद>>केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, सोनम वांगचुक होंगे जेल से रिहा>>मुख्यमंत्री धामी ने सपरिवार मनाया लोकपर्व फूलदेई, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं>>एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर- इटली को हराकर भारत पहुंचा फाइनल में>>राम गोपाल वर्मा ने किया ‘सरकार 4’ का ऐलान, जल्द शुरू होगी फिल्म की शूटिंग>>योग वह दिव्य चेतना है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दी- सीएम धामी>>महिलाओं को न्याय दिलाने का हमारा संकल्प निरंतर रहेगा जारी- कुसुम कंडवाल>>गणेशपुर में 30 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर>>सीआईएमएस एवं यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज : चार दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य समापन>>दो जरूरतमंद महिलाओं को सीएसआर फंड से मिली एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता>>अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही आयुष औषधियों की मांग, उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण जरूरी- त्रिवेन्द्र>>20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी>>दुबई में तेज धमाकों से मचा हड़कंप, आसमान में उठा काले धुएं का गुबार>>सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित>>भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ>>घोलतीर के पास हाईवे पर पलटी कार, रुद्रप्रयाग पुलिस ने चालक को निकाला सुरक्षित बाहर>>धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया, रात में दिखेगा मनमोहक दृश्य>>मुख्यमंत्री धामी ने जनसुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 44.64 करोड़ रुपये की दी मंजूरी
उत्तराखण्ड

मधुमक्खियों की आवाज करेगी कमाल, हाथियों की होगी ट्रेन से सुरक्षा

देहरादून: दून-हरिद्वार रेलवे ट्रैक के बीच मधुमक्खियों की आवाज हाथियों को ट्रेन की चपेट में आने से बचाएगी। दरअसल, उत्तर रेलवे इस ट्रैक पर मधुमक्खियों की आवाज वाला सिस्टम लगाने जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मोतीचूर स्टेशन पर इसे शुरू भी कर दिया गया है। जल्द ही कांसरो और रायवाला स्टेशन पर भी स्थापित कर दिया जाएगा। कुछ दिन मॉनीटरिंग के बाद प्रयोग सफल होने पर इसे नियमित कर दिया जाएगा।

मुरादाबाद रेल मंडल के हरिद्वार-देहरदून रेलवे टै्रक का बड़ा हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क के वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में हाथी और अन्य जंगली जानवर बड़ी संख्या में हैं। जंगल से ये जानवर विशेषकर हाथियों के झुंड टै्रक को पार करते हैं। ऐसे में कई बार ट्रेन की चपेट में आकर हाथियों और अन्य जानवरों के चोटिल होने या मरने की घटनाएं हो जाती हैं।

पिछले कुछ सालों में ट्रेन से कटकर हाथियों के मरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। जिसमें ट्रेन के लोको पायलट के खिलाफ मुकदमे भी हुए हैं। यही नहीं इससे रेल के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका के चलते यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है।

इसे लेकर वन विभाग और रेलवे के बीच टकराव भी होता आया है। इसके समाधान के लिए उत्तराखंड वन विभाग और रेलवे में उच्च स्तरीय बैठकें भी हो चुकी हैं।

रेलवे के स्तर से इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मुरादाबाद मंडल ने हाथियों को भगाने के लिए मधुमक्खी जैसी साउंड वाले सिस्टम लगाने की पहल की है।

दरअसल, मधुमक्खी की आवाज से हाथी काफी परेशान होते हैं और आमतौर पर मधुमक्खी वाले रास्ते से जाने से बचते हैं। इसलिए, राजाजी नेशनल पार्क में हाथियों के आवागमन वाले रास्तों को पता लगाने के लिए रेलवे व उत्तराखंड वन विभाग द्वारा ऐसे सिस्टम को लगाने की जगह का संयुक्त सर्वेक्षण किया गया।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मोतीचुर में यह सिस्टम लगा दिया गया है। इसी तरह रायवाला में देहरादून और हरिद्वार की तरफ वाले गेटों पर दो साउंड सिस्टम लगने हैं। अब इसे कांसरो स्टेशन पर भी स्थापित करने की योजना है।

ऐसा करेगा सिस्टम काम

मधुमक्खी की आवाज जैसा साउंड सिस्टम बनाने के लिए मधुमक्खी के झुंड के भिनभिनाने की आवाज को रिकार्ड किया गया है। स्टेशन मास्टर और गेटमैन के केबिन में इसके ऑनऑफ का बटन स्थापित रहेगा। स्टेशन मास्टर या गेटमैन द्वारा ट्रेन के आने से पांच मिनट पहले इसे स्टेशन पर लगे लाउडस्पीकर पर चलाया जाता है। यह साउंड लगभग 500 मीटर की दूरी कवर करता है और यह सिस्टम ट्रेन के आने पर इस सेक्शन में हाथियों के आवागमन की रोकथाम करेगा ।

कारगर है यह उपाय

मुरादाबाद रेल मंडल के डीआरएम एके सिंघल के अनुसार नार्थ ईस्ट रेलवे रंगिया डिविजन पर किए सफल प्रयोग को यहां भी दोहराने का निर्णय लिया गया है। यह उपाय अभी तक कारगर साबित हुआ।

उत्तराखंड में वन विभाग के साथ हुए परामर्श से वन व रेलवे स्टाफ द्वारा ट्रैक की पेट्रोलिंग, वॉकी-टॉकी सिस्टम से ट्रैक पर जंगली जानवरों के आवागमन की सूचना सही समय पर देने, जहां संभव हो ट्रैंच खोदने और हाथियों के आवागमन के लिए पुलों के नीचे अनावश्यक वनस्पति इत्यादि हटाकर मार्ग सुरक्षित करने के प्रयास हो रहे हैं। इसके साथ ही बी साउंड सिस्टम का प्रयोग भी किया जा रहा है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!