Breaking News :
>>मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लिया राजनैतिक दलों से SIR पर फीडबैक>>सुरक्षा, सेवा और समर्पण का संगम—SDRF ने शंकराचार्य चौक पर लगाया निःशुल्क चिकित्सा शिविर>>क्या वजन घटाने के लिए रोटी छोड़ना जरूरी है? आइये जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स>>मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने की वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा>>11 अगस्त को देहरादून में रोजगार मेला, 559 पदों पर होगा चयन>>राहुल-प्रियंका समेत विपक्षी नेताओं का संसद परिसर में प्रदर्शन, सरकार पर बोला हमला>>कॉमनवेल्थ 2026 के विजेताओं का सम्मान, खिलाड़ियों को खेल अकादमी खोलने की सलाह>>सलमान खान की दमदार एंट्री के साथ आया ‘बिग बॉस 20’ का टीजर, फैंस में बढ़ा उत्साह>>कांवड़ यात्रा केवल आस्था का नहीं, बल्कि सेवा और जनजागरण का भी महापर्व है- विजया रहाटकर>>सड़क सुरक्षा में जनभागीदारी जरूरी, सभी विभाग करें समन्वित प्रयास- डीएम>>पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन के साथ देवभूमि ने किया शिवभक्त कांवड़ियों का अभिनंदन>>गलत तकिया बन सकता है गर्दन दर्द की वजह, जानें सही तकिया चुनने का तरीका>>सामान्य विसंगति वाले नोटिसों का बीएलओ स्तर पर करें निस्तारण- सीईओ>>मुख्यमंत्री धामी ने मसूरी विधानसभा में विभिन्न विकास योजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास>>त्यौहारी सीजन से पहले महंगाई का झटका, चीनी-चावल के बढ़े दाम>>ट्रंप ने ईरान को फिर दी धमकी , बोले- समझौते का ये आखिरी मौका>>भारतीय बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘स्पाइडर मैन : ब्रांड न्यू डे’, 5 दिनों में पार किया 280 करोड़ का आंकड़ा>>पिथौरागढ़ में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ, लोगों ने ली राहत की सांस>>मतदाता सूची की शुद्धता सर्वाेच्च प्राथमिकता, फील्ड विजिट कर दूर करें समस्याएं- विजय कुमार>>एमडीडीए में समाधान दिवस आयोजित, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
उत्तराखण्ड

प्रदेश के 75 फीसद आंगनबाड़ी केंद्रों में पीने योग्य पानी नहीं

देहरादून : जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रदेश के जनपदों को कुपोषण और जन्म लिंगानुपात से उबारने की जिम्मेदारी है, वो संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। जानकर हैरानी होगी कि उत्तराखंड के करीब 25 फीसद आंगनबाड़ी केंद्रों में ही पीने लायक पानी उपलब्ध है। यह चौंकाने वाली स्थिति महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से हाल ही में जारी रिपोर्ट में सामने आई है। इसमें भी देश भर में सबसे बुरी स्थिति वाले राज्यों में उत्तराखंड दूसरे नंबर पर है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से देशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में सर्वे कराया गया। इसमें विभिन्न राज्यों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल और शौचालय की स्थिति जांची गई। रिपोर्ट में मणिपुर में सबसे बुरी स्थिति पाई गई, जबकि दूसरी सबसे बुरी स्थिति उत्तराखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों की है।

मणिपुर में महज 21 फीसद आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल व्यवस्था ठीक पाई गई, जबकि उत्तराखंड में 24.04 फीसद केंद्रों पर पेयजल व्यवस्था ठीक मिली। रिपोर्ट की मानें तो उत्तराखंड में कुल 35 हजार 184 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 24.4 फीसद यानि आठ हजार पांच सौ 84 केंद्रों में पेयजल व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। जबकि, 26 हजार 600 केंद्रों में पेयजल व्यवस्था खराब है।

शौचालय की स्थिति बेहतर

उत्तराखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में संतोषजनक पाई गई। बुरी स्थिति में तेलंगाना 21.3, मणिपुर 27.05, झारखंड 27.5, आंध्र प्रदेश 38.7, जम्मू एवं कश्मीर 44.11, असम 47.5, उड़ीसा 52.64 फीसद के साथ क्रमश: सूची में शामिल हैं।

यह है स्थिति

रैंक—————प्रदेश———–केंद्रों में पीने योग्य पानी

1—————मणिपुर———————-21

2————–उत्तराखंड——————–24.04

3————-अरुणाचल प्रदेश————-28.51

4—————-कर्नाटक——————-38.76

5—————तेलंगाना——————-38.76

6————-जम्मू कश्मीर—————48.18

7—————-महाराष्ट्र——————53.47

(नोट: केंद्रों की स्थिति फीसद में)

आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्य

– शिशुओं को पोषाहार वितरित करना, ताकि शिशु कुपोषित , न हों।

– स्वस्थ शिशु के जन्म के लिए गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार वितरित करना।

– जन्म लिंगानुपात सुधारने के लिए लोगों को जागरूक करना। विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन।

– बच्चों को स्कूल जाने के तैयार करना।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!