Breaking News :
>>अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जनपद देहरादून में एसआईआर कार्यों की विधानसभावार समीक्षा की>>देहरादून में आधार नामांकन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया गया सफल आयोजन>>कूड़ा उठान एवं निस्तारण कार्यों की माइक्रो स्तर पर की जाएगी निगरानी : डॉ० आशीष चौहान>>देहरादून के 116 परीक्षा केंद्रों पर होगी स्नातक स्तरीय परीक्षा, 46350 अभ्यर्थी होंगे शामिल>>प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु से ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम ने की शिष्टाचार भेंट>>कोट और देवल में फूलों व सब्जियों की खेती से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था- जिलाधिकारी>>अनिष्ट होने का भय दिखाकर पूजा पाठ के नाम पर आभूषण ठगने वाला ठग बाबा आया दून पुलिस की गिरफ्त में>>बार-बार खाली पेट डकार आना कहीं किसी बीमारी का संकेत तो नहीं? जानिए इसके कारण>>दालचीनी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देगा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार- गणेश जोशी>>गंगा में डूबे गाजियाबाद के युवक का शव पांच दिन बाद बरामद>>12 जून को रिलीज होगा ‘धमाल 4’ का ट्रेलर, अजय देवगन ने शेयर की जानकारी>>राज्य और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में देरी नहीं होगी बर्दाश्त- डीएम चौहान>>अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा प्रहार, जीएमएस रोड और शिमला रोड के दो निर्माण सील>>सीएम घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दिए कड़े निर्देश>>‘हाउस ऑफ़ स्वाशा’ की सह-संस्थापिका स्वाति खंडूरी डिमरी ने कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से की शिष्टाचार भेंट>>आपदा पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश>>पीएम मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने दी बधाई>>अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले भारत को बड़ा झटका, हार्दिक पांड्या हुए बाहर>>काशीपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, कार से भारी मात्रा में अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद>>‘अल्फा’ का धमाकेदार टीजर रिलीज, एक्शन अवतार में छाई आलिया भट्ट
उत्तराखण्ड

घास को आस में बदल रहीं महिलाएं, मलेशिया तक धूम

हल्द्वानी : कहने को ये थारू जनजाति की साधारण सी महिलाएं हैं, लेकिन इनके हाथों में असाधारण हुनर है। घास को खास आकार देकर इन्होंने अपने जीवन को नई आस और एक खास मकसद दे दिया।

घास से बनाए गए इनके फूलदान, श्रृंगार दान और सुंदर टोकरियों को अब विदेशी बाजार मिलना शुरू हो गया है। यह इनकी मजबूत इच्छाशक्ति और मन से की गई मेहनत का ही परिणाम है।

कुश घास से बनाती हैं उत्पाद

यह कहानी है उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में रहने वाले थारू परिवारों की महिलाओं की। इन्होंने यहां बहुतायत में उगने वाली कुश नामक घास को अपनी तरक्की का आधार बनाया। इनके बनाए हस्त निर्मित उत्पादों को एक नई पहचान मिली है। घास से बनाए गए ये उत्पाद महिला समूह के माध्यम से मलेशिया को निर्यात किए जा रहे हैं।

काम आया प्रशासन का सहयोग

जिले के सितारगंज और खटीमा ब्लॉक में रहने वाली थारू महिलाएं परंपरागत रूप से टोकरी निर्माण का काम करती आई हैं। लेकिन प्रशासन ने इनकी इस प्रतिभा को नया आयाम देने का प्रयास किया तो नई राहें बनती गईं। साल 2002 में स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत इन महिलाओं को समूहों के रूप में संगठित किया गया।

दो साल पहले समूहों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गोद लेकर इनके द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का काम शुरू हुआ। सितारगंज ब्लॉक के नकुलिया गांव में लक्ष्मी और दुर्गा स्वयं सहायता समूह की 20 महिलाएं इस समय हैंडी क्राफ्ट बना रही हैं।

सितारगंज की बीडीओ मीना मैनाली के अनुसार देशभर में लगने वाले राष्ट्रीय सरस मेले में महिलाओं के बनाए उत्पाद बिकते हैं। पिछले साल दिल्ली के प्रगति मैदान में लगे स्टॉल में मलेशिया को निर्यात करने वाली एक एजेंसी ने इनके उत्पादों में रुचि दिखाई। 16 जनवरी को पहली खेप मलेशिया भेजी गई है। अब मलेशिया से आ रही डिमांड के अनुरूप ये उत्पाद तैयार करने में जुट गई हैं।

ये उत्पाद हो रहे निर्यात

कुश घास से विभिन्न डिजाइन के फूलदान, फल की टोकरी, मेकअप बॉक्स, फ्लावर पॉट, श्रृंगार बॉक्स आदि तैयार किए जा रहे हैं। भारतीय बाजारों में इनकी कीमत 50 रुपये से 300 रुपये तक है, तो मलेशिया भेजने पर 150 रुपये से 800 रुपये प्रति नग कीमत मिल रही है।

बरसात में मिलती है घास

दुर्गा स्वयं सहायता समूह की सदस्य बब्बी राणा बताती है कि कुश घास के बने उत्पाद अधिक मुलायम, रंगीन और आकर्षक होते हैं, इसलिए इनकी मांग अधिक रहती है। कुश घास नदियों के आसपास अधिक पाई जाती है। बरसात के दिनों में महिलाएं जंगल जाकर इसे काट लेती हैं। बाद में धूप में सुखाने के बाद जरूरत के अनुरूप सामग्री बुने जाते हैं।

क्या है कुश घास 

कुश घास का वैज्ञानिक नाम एरग्रास्टिस साइनोसोरिड्स है। इसकी पत्तियां नुकीली, तीखी व कड़ी होती हैं। हैंडी काफ्ट के साथ इसकी चटाई भी बनती है। कुश पानी में एकाएक खराब नहीं होता। इसे धार्मिक अनुष्ठानों में भी इस्तेमाल किया जाता है।

 

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!