Breaking News :
>>कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय कंडोली में आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र का किया उद्घाटन>>‘धमाल 4’ का बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन, फिल्म ने तीन दिन में पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा>>उत्तराखंड परिवहन निगम की बड़ी तैयारी, देहरादून-दिल्ली रूट पर दौड़ेंगी हाइड्रोजन बसें>>सोमनाथ स्वाभिमान पर्व विशेष निःशुल्क ट्रेन यात्रा के लिए नैनीताल जिले से 37 श्रद्धालुओं का दल हुआ रवाना>>‘ऑपरेशन सफेद सागर का टीजर हुआ जारी, जानिए कब रिलीज़ होगी वेब सीरीज>>गुरुवाणी और देववाणी संस्कृत का दिव्य संगम- राज्यपाल>>सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुंचकर कर रही समस्याओं का समाधान- मुख्यमंत्री धामी>>नई खेल नीति में स्पेशल कैटेगरी के खिलाड़ियों के लिए होंगे विशेष प्रावधान- रेखा आर्या>>डीएम प्रशांत आर्य ने स्यानाचट्टी के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण>>भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज>>24 जुलाई को रिलीज होगा ‘रामायण’ का ट्रेलर, मेकर्स ने की घोषणा>>अग्निवीर रैलियों के सुचारू आयोजन हेतु सेना और उत्तराखंड सरकार के बीच समन्वय बैठक>>दावे-आपत्तियों के निस्तारण में मानसून के चलते मतदाता को न हो परेशानी- सीईओ>>मसूरी रोड पर 50 मीटर गहरी खाई में गिरे स्कूटी सवार का एसडीआरएफ ने किया सफल रेस्क्यू>>ई-ऑफिस व्यवस्था प्रभावी एवं सुगम बनाने के डीएम ने दिए निर्देश>>देहरादून महायोजना-2041: जनता की आवाज़ से आकार ले रहा देहरादून का भविष्य>>देहरादून महायोजना-2041 : जनता की आवाज़ से आकार ले रहा देहरादून का भविष्य>>उत्तराखंड में ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ बना सुशासन की नयी पहचान>>‘टीएमसी को खत्म करना है तो पहले मुझे मारना होगा’- ममता बनर्जी>>दांत दर्द से हैं परेशान? जानिए घर पर राहत पाने के आसान और असरदार उपाय
आर्थिक गतिविधियाँ

अब अखरोट उत्पादन में जम्मू-कश्मीर को मात देगा उत्तराखंड

देहरादून : कोशिशें रंग लाईं तो उत्तराखंड भी अखरोट उत्पादन के मामले में जम्मू-कश्मीर को मात देगा। इस सिलसिले में इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चर रिसर्च की श्रीनगर स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ टेंपरेट हार्टिकल्चर (सीआइटीएस) शाखा उत्तराखंड को छह साल में अखरोट की उन्नत प्रजातियों के एक लाख पौधे उपलब्ध कराएगा। इसके लिए उत्तराखंड में जापान को-ऑपरेशन एजेंसी (जायका) के सहयोग से चल रही वन संसाधन प्रबंधन परियोजना और सीआइटीएस के मध्य तीन करोड़ का करार हुआ है। यही नहीं, जायका की ओर से अखरोट के ग्राफ्टेड प्लांट तैयार करने को इस साल 1500 मातृ पौधे नर्सरी में लगाए गए हैं।

देशभर में अखरोट की खासी मांग है। आंकड़े बताते हैं कि अखरोट की डिमांड 70 हजार मीट्रिक टन है, जबकि उत्पादन इसका आधा ही होता है। जो उत्पादन हो रहा है, उसमें करीब 92 फीसद जम्मू-कश्मीर का योगदान है। इस लिहाज से उत्तराखंड को देखें तो यहां उत्पादन नाममात्र का है, जबकि इसके लिए परिस्थितियां मुफीद हैं।

इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने भी पर्वतीय क्षेत्र के किसानों की आय दोगुना करने के लिए अखरोट उत्पादन पर फोकस करने की ठानी है।

इसके लिए रास्ता निकाला गया जायका की वन संसाधन प्रबंधन परियोजना में, जिसमें आजीविका विकास भी एक बिंदु है। उत्तराखंड में जायका परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक (सीपीडी) अनूप मलिक के मुताबिक अखरोट की ग्राफ्टेड पौध की उपलब्धता के लिए सीआइटीएस से एमओयू साइन हो चुका है।

सीपीडी मलिक बताते हैं कि करार के मुताबिक जायका के तहत तीन करोड़ की राशि सीआइटीएस के संसाधन जुटाने पर खर्च की जाएगी। इसके एवज में सीआइटीएस छह साल में उत्तराखंड को एक लाख पौधे उपलब्ध कराएगा। अखरोट की 15 वैरायटियों के ये पौधे चार से छह हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित गांवों के किसानों को वहां की वन पंचायतों के जरिये मुहैया कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अखरोट की यह किस्में तीसरे साल से ही फल देना शुरू कर देती हैं और छठवें साल से एक पेड़ से 25 किलो से अधिक उत्पादन मिलने लगता है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!