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स्वास्थ

गैस, एसिडिटी और कब्ज से छुटकारा चाहते हैं ? तो अपनी डाइट में शामिल करें ये प्राकृतिक खाद्य पदार्थ

आकाश ज्ञान वाटिका, मंगलवार, 07 अक्टूबर 2025, देहरादून। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट से जुड़ी समस्याएं बेहद आम हो गई हैं। हर उम्र का व्यक्ति कभी न कभी गैस, अपच या पेट फूलने जैसी परेशानी झेलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि पाचन प्रणाली शरीर की नींव है—अगर पेट ठीक है तो शरीर स्वस्थ रहता है। लेकिन गड़बड़ दिनचर्या, जंक फूड और तनाव के कारण पाचन संबंधी विकार तेजी से बढ़ रहे हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या लंबे समय में गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है।

क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि खाना खाने के तुरंत बाद पेट भारी और फूला हुआ महसूस हुआ हो? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। दुनियाभर में करोड़ों लोग इसी तरह की दिक्कतों से जूझ रहे हैं।

अच्छी बात यह है कि कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ आपकी पाचन प्रणाली को मजबूत बनाने और पेट की असुविधाओं को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हार्वर्ड प्रशिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने ऐसे कुछ फलों और बीजों की सूची बताई है जो पाचन को बेहतर बनाए रखते हैं।

क्यों बढ़ रही हैं पाचन की दिक्कतें?

डॉ. सौरभ सेठी बताते हैं कि आज ज्यादातर पाचन संबंधी परेशानियां हमारी खान-पान की गलत आदतों से जुड़ी हैं।

अत्यधिक तला-भुना खाना

देर रात भोजन करना

फाइबर की कमी

तनाव और नींद की कमी

ये सभी कारण पेट की सेहत पर सीधा असर डालते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि “जो हम खाते हैं, वही हमारे पेट की सेहत तय करता है।” इसलिए सही खानपान अपनाना ही पाचन को मजबूत रखने का सबसे आसान उपाय है।

पाचन को दुरुस्त करने वाले सुपरफूड्स

1. कीवी — पेट के लिए फाइबर और एंजाइम का खज़ाना

कीवी में पाया जाने वाला एक्टिनिडिन एंजाइम प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है, जिससे खाना जल्दी पचता है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज को दूर करता है और आंतों की मूवमेंट को बेहतर बनाता है। साथ ही इसके एंटीऑक्सीडेंट पेट की सूजन और एसिडिटी को कम करते हैं।

2. पपीता — प्राकृतिक पाचन बूस्टर

पपीते में मौजूद पेपेन एंजाइम भारी भोजन को आसानी से पचाता है। यह फल हल्का होता है और कब्ज से राहत दिलाता है। अध्ययन बताते हैं कि रोजाना पपीता खाने से दो हफ्तों में पेट फूलना और अपच की समस्या कम हो सकती है।

3. अनानास — सूजन और गैस का इलाज

अनानास में ब्रोमेलिन एंजाइम होता है जो प्रोटीन को तोड़कर गैस, सूजन और अपच को दूर करता है। यह पेट में हानिकारक बैक्टीरिया को भी नियंत्रित करता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है।

4. खीरा — ठंडक और हाइड्रेशन का स्रोत

खीरे में 95% पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखता है और मल त्याग को आसान बनाता है। गर्मियों में खीरा खाने से एसिडिटी और पेट की जलन से तुरंत राहत मिलती है।

5. चिया सीड्स — पेट की सफाई के लिए बेहतरीन

फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चिया सीड्स पानी में भिगोकर खाने से जेल जैसा बनते हैं, जो आंतों की सफाई और कब्ज से राहत में मदद करते हैं।

6. सौंफ — हर भारतीय रसोई का पाचन मित्र

सौंफ में मौजूद ऐनेथोल तत्व गैस और पेट फूलने की समस्या को तुरंत कम करता है। यह पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है और खाने के बाद पेट को हल्का रखता है। यही कारण है कि भारतीय परंपरा में सौंफ को भोजन के बाद खाना जरूरी माना गया है।

छोटे बदलाव, बड़ा असर

पेट को स्वस्थ रखने के लिए केवल खाने पर ध्यान देना ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार भी जरूरी है।

भोजन धीरे-धीरे चबाकर खाएं

पर्याप्त पानी पिएं

फाइबर युक्त फल-सब्जियां लें

तनाव कम करें और नियमित व्यायाम करें

अगर आप रोजमर्रा की जिंदगी में इन प्राकृतिक चीजों को शामिल कर लें, तो पाचन से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

(साभार)

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Ghanshyam Chandra

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