Breaking News :
>>विशेष गहन पुनरीक्षण -2026 की प्रगति पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों संग डीएम/डीईओ की बैठक>>हरिद्वार भूमि घोटाले में बड़ा प्रहार, 10 पर मुकदमा, पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी की संस्तुति>>त्रैमासिक लक्ष्य जल्द IFMS पोर्टल पर करें अपलोड, मुख्य सचिव ने विभागों को दिए निर्देश>>महाराज के अथक प्रयासों से 12341.56 लाख की स्यूंसी झील की टेण्डरिंग प्रक्रिया शुरू>>मुख्यमंत्री धामी से रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट>>‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, पीटर पार्कर पर मंडराया नया खतरा>>स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है- मुख्यमंत्री>>विकास योजनाओं एवं सीएम घोषणाओं की समीक्षा बैठक में डीएम ने दिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश>>बागेश्वर में बनेगा आधुनिक राज्य अतिथि गृह, मुख्यमंत्री धामी की घोषणा को मिली गति>>SIR अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली राजनैतिक दलों की राय>>50 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर>>50 बीघा में काटी जा रही अवैध कॉलोनी पर चला एमडीडीए का बुलडोजर>>साल में दो बार लिया जाएगा P-SAT, हर शनिवार होगी वर्चुअल ट्रेनिंग : रेखा आर्या>>धामी कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर>>योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है : ऋतु खण्डूडी>>मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ किया योगाभ्यास>>कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सैनिक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट के कार्यालय का किया शुभारंभ>>कैबिनेट बैठक में दिवंगत मेजर जनरल खंडूड़ी और जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि, दो मिनट का रखा गया मौन>>जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा, जनसमस्याओं के समाधान पर जोर>>मेरठ से ऋषिकेश तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन, हाईस्पीड कनेक्टिविटी का सपना होगा साकार
विदेश

पाकिस्तान के हालात बद से बदतर : एयरलाइंस के बाद अस्पतालों के बंद होने की आई नौबत

डॉक्टरों और नर्सों की सैलरी रोकी

आकाश ज्ञान वाटिका, रविवार, 19 नवम्बर 2023, इस्लामाबाद। आर्थिक तंगी से गुजर रहे पाकिस्तान में अब अस्पतालों के बंद होने की नौबत आ गई है। इस्लामाबाद के 5 पब्लिक सेक्टर के अस्पताल और लाहौर के शेख जायद अस्पताल बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि वित्त प्रभाग ने इन अस्पतालों के सुचारू कामकाज के लिए संघीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 11 बिलियन पाकिस्तानी रुपया (पीकेआर) प्रदान करने के अनुरोध को खारिज कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल के कई कर्मचारियों की सैलरी रोक दी गई है। इसके कारण पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की नर्सें एक हफ्ते से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। टेस्टिंग किट के स्टॉक खत्म होने के कारण इन अस्पतालों की लैब भी जल्द ही पूरी तरह से काम करना बंद कर देंगी।

जानकारी के अनुसार, रेडियोलॉजी टेस्ट को भी बंद कर दिया जा रहा है क्योंकि फिल्में उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, मरीजों को दवाएं नहीं मिल रही है क्योंकि कंपनियों को टेंडर राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इसके कारण जो अस्पताल और विभाग प्रभावित होंगे उनमें संघीय राजधानी के पांच अस्पताल पिम्स, पॉलीक्लिनिक, फेडरल जनरल हॉस्पिटल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन मेडिसिन , डिस्पेंसरी, बुनियादी स्वास्थ्य यूनिट, स्वास्थ्य मंत्रालय के सहायक विभाग और संस्थान शामिल हैं। लाहौर का शेख जायद अस्पताल भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है क्योंकि यह संघीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वित्त पोषण से चलता है। वित्त प्रभाग ने स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखित रूप में सूचित किया है कि, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की पूर्व शर्तों के अनुसार, धन केवल आपदा की स्थिति में ही जारी किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि, पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले महीने वित्त मंत्रालय से अस्पतालों, संगठनों और मंत्रालय के सहायक विभागों के सुचारू कामकाज के लिए 11.096 बिलियन पीकेआर का पूरक अनुदान जारी करने का अनुरोध किया था।

वित्त प्रभाग द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है, ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय के 11.096 बिलियन पीकेआर के पूरक/तकनीकी अनुपूरक अनुदान के प्रस्ताव पर वित्त प्रभाग में विचार किया गया है। आईएमएफ के साथ प्रतिबद्धता के अनुसार, नई सरकार के गठन तक (गंभीर राष्ट्रीय आपदा होने को छोडक़र) वित्त वर्ष 2023-24 में संसदीय अनुमोदित स्तर से अधिक किसी भी अतिरिक्त अनबजट खर्च के लिए कोई अनुपूरक अनुदान की अनुमति नहीं दी जा सकती है। सूत्र ने कहा कि स्थिति और भी खराब हो सकती है क्योंकि अस्पतालों में कई डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों को या तो वेतन नहीं मिल रहा है या धन की अनुपलब्धता के कारण अगले महीने उनका वेतन रोक दिया जाएगा। आने वाले महीनों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, दवाइयों और जांच की सुविधाओं की भारी कमी हो सकती है। यहां तक कि आपातकालीन विभाग भी बंद हो सकते हैं।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!