परिवार की खुशियां हुई मातम में तब्दील – एसआइ के असमय मौत से टूटा परिवार
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आकाश ज्ञान वाटिका। ३१ दिसंबर, मंगलवार। काफी समय से एक घर का सपना संजोया, उसे पूरा भी किया। इच्छा थी कि नए साल में उसमें प्रवेश करेंगे, लेकिन उम्मीद नरेश की मौत के साथ ही पल भर में टूट गई। मूलत: मुरादाबाद के रहने वाले एसआइ नरेश पाल यादव का परिवार पिछले कई सालों से काशीपुर कोतवाली परिसर में निवास कर रहा था। उनकी स्वच्छ छवि और मृदुल व्यवहार के चलते वह सभी के चहेते थे। पुलिस अधिकारी भी उनसे खासे प्रभावित थे।
नरेश ने अब तक काशीपुर की कटोराताल चौकी, पैगा चौकी, सूर्या चौकी, जसपुर की पतरामपुर चौकी, चौकी बाजार खटीमा, चौकी सिडकुल रूद्रपुर, थानाध्यक्ष नानकमता, थानाध्यक्ष झनकईया चौकी के प्रभारी पद पर कार्य किया। नरेश के चार बच्चों में बड़ी बेटी दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही है, छोटी बेटी नोएडा में एलएलबी कर रही है। उनके दो जुड़वा बेटे कृष्ण और कन्हैया हैं। जो काशीपुर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में कक्षा 11 के छात्र हैं। उन्होंने कुंडेश्वरी रोड स्थित एक कॉलोनी में फ्लैट खरीदा था। नरेश के परिजनों ने नए घर में आधा सामान शिफ्ट भी कर दिया, लेकिन नए घर में रहना नसीब न हो सका। उनकी मौत से परिवार की खुशियां बेरंग हो गईं।
उपनिरीक्षक नरेशपाल सिंह खटीमा बाजार चौकी पर भी रहे। कई वर्षों से बदहाल चौकी का सुंदरीकरण खुद निजी खर्चे से कराया था। 2013 से 2015 तक रहने के दौरान जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगवाए। इसके बाद वह झनकइया थाने के थानाध्यक्ष रहे। वह जिस थाने अथवा चौकी पर तैनात रहते थे, अपने स्तर से थाने-चौकियों का सुंदरीकरण कराना उनकी प्राथमिकता रहती थी।
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