जिलाधिकारी सी रविशंकर ने नेशनल एक्शन प्लान ऑन ड्रग डिमाण्ड रिडक्शन (एनएपीडीडीआर) योजना की ली बैठक
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आकाश ज्ञान वाटिका। शुक्रवार, १० जनवरी, २०२० (सूचना)। ‘‘जिला अस्पताल में तत्काल बनाई जाय सेपरेट नशामुक्ति चिकित्सा यूनिट’’ यह निर्देश जिलाधिकारी सी रविशंकर ने कैम्प कार्यालय में नेशनल एक्शन प्लान ऑन ड्रग डिमाण्ड रिडक्शन(एनएपीडीडीआर) योजना की बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिये। मादक द्रव्य और नशीली दवाओं के सेवन से बचाव हेतु आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने समाज कल्याण और हैप्पी फैमली हेल्थ केयर सेन्टर गैर सरकारी संगठन से एनएपीडीडीआर कार्ययोजना के सम्बन्ध में व्यापक विचार-विमर्श करते हुए निर्देश दिये कि कार्य योजना के बेहतर इम्पलिमेन्टेशन के लिए मास्टर टेªनर्स तैयार करने, जनपद स्तर से विकासखण्ड व ग्राम पंचायत स्तर तक के कार्मिकों व जनप्रतिनिधियों के प्रशिक्षण तथा महाविद्यालयों, डिम्ड विश्वविद्यालयों, मेडिकल संस्थानों, इंजीनियरिंग काॅलेजों सहित सभी सरकारी व निजी महाविद्यालयों में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने, दूरस्थ क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक, गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से सर्वे, फीडबैक और प्रचार-प्रसार सहित माॅनिटिरिंग हेतु जिला टास्कफोर्स के गठन इत्यादि के सम्बन्ध में विस्तृत होमवर्क करते हुए कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में एवं विभिन्न स्तर पर प्रचार-प्रसार हेतु आयोजित की जाने वाले सेमीनार्स, कार्यशाला, शिविर का खाका तैयार करते हुए अगली बैठक में स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत करने के समाज कल्याण और गैर सरकारी संगठन के सदस्यों को निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी 23 जनवरी को उनकी अध्यक्षता में होने वाली बैठक में शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, आबकारी, स्वास्थ्य विभाग, समबन्धित गैर सरकारी संगठनों के सदस्यों के साथ एनएपीडीडीआर पर व्यापक चर्चा की जायेगी और इसके बेहतर अनुपालन हेतु दिशा-निर्देश जारी किये जायेंगे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अवगत कराया कि उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से मिलकर जनपद चिकित्सालय में सेपरेट चिकित्सा यूनिट के संचालन हेतु धनराशि भी निर्गत कर दी हैं तथा मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा पृथक नशामुक्ति चिकित्सा वार्ड में नशे की लत से प्रभावित व्यक्ति का उपचार व काउन्सिलिंग हेतु वार्ड के लिए जगह भी चयनित कर ली है। विदित है कि एनएपीडीडीआर योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड में प्रथम चरण में दो जनपदों , देहरादून व नैनीताल का चयन किया गया है तथा जनपद देहरादून में कार्ययोजना के क्रियान्वयन हेतु 1 करोड़ 10 लाख रूपये की धनराशि निर्गत की जायेगी, जिसमें से अभी तक 15 लाख रूपये की धनराशि प्राप्त हो चुकी है। इस धनराशि से जनपद को नशामुक्त करने में खर्च किया जायेगा, जिसके तहत् नशे के दुष्परिणाम बताते हुए उससे मुक्ति के उपाय बताये जायेंगे। नशे के आदी व्यक्तियों का जिला चिकित्सालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पृथक नशामुक्ति चिकित्सा युनिट के माध्यम से इलाज और कान्सिलिंग की जायेगी। इसके तहत पहले चरण में मास्टर्स टेªनर तैयार किये जायेंगे और प्रत्येक विद्यालय में 2 शिक्षकों को मास्टर्स ट्रेनर बनाने का प्रशिक्षण दिया जायेगा। बाद में प्रशिक्षित अध्यापक अन्य अध्यापकों व विद्यार्थियों को नशामुक्ति हेतु जागरूक करेंगे। इसके अतिरिक्त ग्राम प्रधान एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को भी प्रशिक्षण दिया जायेगा साथ ही सभी सरकारी-गैर सरकारी, विद्यालयों-महाविद्यालयों, व्यवयायिक शिक्षण संस्थानों सहित सभी क्षेत्रों में सेमीनार्स, कार्यशाला, शिविर, नुक्कड़ नाटक, विज्ञापन, प्रचार-प्रसार सामग्री के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
इस अवसर पर बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जी.एस रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमलता पाण्डेय, सहायक समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, गैर सरकारी संगठन हैप्पी फैमिली हैल्थ केयर सेन्टर के डाॅ० राजीव कुमार उपस्थित थे।
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