पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ‘यूपी-बिहार के भइये’ वाले बयान पर घिरे मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी

प्रधानमंत्री माेदी ने भी इस टिप्पणी की निंदा की, कहा – “इस तरह की विभाजनकारी सोच को एक पल के लिए भी पंजाब में राज करने का अधिकार नहीं है।”
आकाश ज्ञान वाटिका, 18 फ़रवरी 2022, शुक्रवार,नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ‘यूपी-बिहार के भइये’ वाले बयान पर घिर गए है। चन्नी अब विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस टिप्पणी की निंदा की है। पीएम मोदी ने पंजाब के अबोहर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा है कि क्या सीएम चन्नी संत रविदास को भी निकाल देंगे? क्योंकि वह बनारस के थे। वहीं गुरु गोबिंद सिंह पटना के थे। सीएम के बयान के बाद राज्य के कई शहराें में धरने-प्रदर्शन तेज हाे गए हैं। लुधियाना में पिछले दाे दिन से पूर्वांचल समाज के लाेग चन्नी के पुतले फूंक रहे हैं।
विदित रहे कि मंगलवार को रुपनगर में प्रियंका गांधी पार्टी प्रत्याशी के लिए प्रचार करने पहुंची थी। यहां रोड शो के दौरान प्रियंका की मौजूदगी में चन्नी ने कहा था कि ‘ऐ जेहड़े यूपी दे, बिहार दे अते दिल्ली दे भइये आके इत्थे राज करना चांहदे ने, इत्थे वड़ण नहीं देणो’। चन्नी के इस बयान पर प्रियंका गांधी ने तालियां बजाई थी। इसी कारण वह भी विरोधियों के निशाने पर आ गई थी। हालांकि चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि प्रवासियों से हमारा नाखून और मास का रिश्ता है। केजरीवाल और भाजपा वाले लोगों को गुमराह कर रहे है। मैंने जो बात अरविंद केजरीवाल और दुर्गेश पाठक को लेकर कही थी जिसे गलत ढंग से पेश किया गया है।
प्रधानमंत्री माेदी ने कहा कि इस तरह की विभाजनकारी सोच को एक पल के लिए भी पंजाब में राज करने का अधिकार नहीं है। यहां जो भी सरकार बने वह देश के लिए प्रतिबद्ध हो। जो लोग भारत को राष्ट्र ही नहीं मानते हम उनके भरोसे पंजाब नहीं सौंप सकते। कांग्रेस पंजाब को अस्थिरता की तरफ ले जाने का प्रयास कर रही है। जिनकी दिल्ली में सरकार है वह सिखों को डगर डगर पर अपमानित करते हैं। दिल्ली में एक भी सिख को मंत्री नहीं बनाया।
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