Breaking News :
>>13 सितंबर को देहरादून में होंगी सीडीएस, एनडीए एवं एनए की परीक्षाएं>>देहरादून बार एसोसिएशन को जल्द मिलेगा अपना प्रोफेशनल ऑफिस भवन>>ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए- मुख्यमंत्री>>‘शक: ट्रस्ट नो वन’ का ट्रेलर हुआ जारी, जानिये कब और कहां देख सकेंगे वेब सीरीज>>ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सचल चिकित्सा वाहन तैनात>>आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज के दौरान कोई परेशानी हो तो सीएमओ से करें संपर्क>>कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मिले लेखक मुकेश लाल>>महिला एशिया कप 2026- बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर फाइनल में पहुंचा भारत>>ऋषिकेश में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, तीन गिरफ्तार>>देहरादून में 14 से 30 सितंबर तक चलेगा विशेष नशामुक्ति शपथ अभियान>>गड़ूल सूर्यधार में 150 बीघा अवैध भू-विन्यास पर एमडीडीए का शिकंजा, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई>>ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल>>नफरत फैलाने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन देवभूमि का माहौल खराब न करें- गणेश गोदियाल>>भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर किया याद>>पौड़ी में रोजगार मेले में 18 अभ्यर्थियों का चयन, 90 द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित>>पौड़ी में गूंजा गोविंद वल्लभ पंत के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा का संदेश>>पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें- डीएम>>ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना, दागी कई मिसाइलें>>मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी>>गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, 24 घंटे में विवादित पोस्ट हटाने के निर्देश
सम्पादकीय

प्रधानमंत्री मोदी की बेफिक्री या गणित ?

साभार : हरिशंकर व्यास

आकाश ज्ञान वाटिका, बुधवार, 27 सितम्बर 2023, देहरादून। समझ नहीं आता कि कनाडा में जांच के गंभीर रूप लेने की भनक या खबर और खुद प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने समय रहते संकट प्रबंधन क्यों नहीं किया ? कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने दिल्ली में रहते हुए अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया के नेताओं से जब सब कुछ शेयर किया तो भारत के विदेश और खुफिया मंत्रालय में किसी को यह समझ नहीं आया कि बात कितनी आगे बढ़ सकती है ?

ध्यान रहे प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो राष्ट्रपति के दिए राजकीय भोज में भी नहीं थे। इससे पहले वे अपने सुरक्षा सलाहकारों व जांच अधिकारियों को दिल्ली भेज चुके थे इन सबके बाद भी नरेंद्र मोदी और उनकी टोली को यह अनुमान कैसे नहीं हुआ कि कनाडा क्या करता हुआ है ? कैसे उसे समझाया जाए या उसे सहयोग देकर या तो ठोस प्रमाणों के साथ कथित विश्वसनीय प्रमाणों को झूठा करार दें ताकि कनाडा सरकार से सद्भाव बना रहे। मामला सार्वजनिक न हो।

लगता है नरेंद्र मोदी जी-20 के शो और हवाबाजी से आत्मविश्वास में थे। शायद अब भी होंगे। यह भी संभव है कि वे मानते हों कि खालिस्तानी पैरोकार की हत्या को लेकर कनाडा चाहे जो सनसनी बनाए उनके भक्त हिंदू वोट तो वैसे ही झूमेंगे जैसे सन् 2019 से पहले पाकिस्तान में घुसकर मोदी सरकार ने बाहुबल दिखलाया था तब झूमे थे। हां, सोशल मीडिया में भक्तों के ऐसे पोस्ट, वीडियो और राष्ट्रीय मीडिया नैरेटिव में यह हल्ला है कि कनाडा तो खालिस्तानियों का अड्डा है। पश्चिमी सभ्यता हिंदू विरोधी है, याद नहीं अंग्रेजों ने 1857 की क्रांति को सिख सेना को साथ ले कर कुचला था। मतलब पश्चिमी सभ्यता, एंग्लो-सेक्सन देशों को हिंदू विरोधी करार देने के प्रोपेगेंडा का सैलाब है।

कनाडा दूसरा पाकिस्तान हो गया है। ट्रूडो की पार्टी सिखों के वोटों से टिकी है लेकिन वे फेल होते हुए हैं, इसलिए जस्टिन ट्रूडो न केवल आंतकवादियों को पनाह देने वाले हैं, बल्कि निज्जर की हत्या के मामले को राजनीतिक रंग दे कर पंगा ले रहे हैं। पर कोई बात नहीं दुनिया मानेगी कि भारत कितना शक्तिमान जो पश्चिम देश में घुस कर राष्ट्र विरोधी को मारता है। वह इजराइल से ज्यादा हिम्मती हो गया। इससे हिंदुओं की वाह है। देखा, मोदी सरकार ने इतनी दूर के कनाडा के भीतर आंतकवादी को मारा। सो, मोदी, मोदी है तो मुमकिन है। भारत में न कभी ऐसा नेता हुआ और न है। तभी भक्त लोग यह तक मानते हुए है कि जस्टिन ट्रूडो ने तो मोदी का 2024 का चुनाव प्रचार शुरू करा दिया। जैसे भारत में योगीजी ने उत्तर प्रदेश में बुलडोजर, एनकाउंटरों से चमत्कार दिखाया वैसे ही वैश्विक पैमाने पर मोदीजी का चमत्कार।

जाहिर है हमारा गंवार काल है जो अवसरों को निरंतर गंवाना है। तय मानें अब न भारत- कनाडा में मुक्त व्यापार संधि होगी और न ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौता सिरे चढ़ेगा। बेचारे ऋषि सुनक का ग्राफ गिरना शुरू है। नरेंद्र मोदी के साथ उनका शोशा ब्रिटेन की राजनीति में उनके ग्राफ की गिरावट का प्रारंभ है। अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया याकि पश्चिमी देश भारत की आबादी व चीन की चिंता में भारत को महत्व देते रहेंगे, भारत से कमाई करेंगे लेकिन वह सब खटाई में पड़ेगा जो संभव था। किसी पश्चिमी देश की संप्रभुता को कोई ठेंगा दिखाए तो यह अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया के एलिट को स्वीकार्य नहीं होगा। इसलिए नरेंद्र मोदी, डोवाल, जयशंकर के लिए रास्ता यही है कि या तो कनाडा को झूठा प्रमाणित करें या कोई बली का बकरा बने। मामला वैसे रफा-दफा और भुलाया नहीं जा सकता है जैसे भारत में योगीशाही, मोदीशाही ने कानून के कथित राज के किस्सों को भुलवाया हैं।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!