Breaking News :
>>मुख्यमंत्री धामी ने प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं लोकसभा सांसद हेमा मालिनी से की शिष्टाचार भेंट>>“पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ, विकास कार्यों की निगरानी होगी अब डिजिटल>>आंखों में जलन-खुजली से परेशान हैं? जानिए कारण और बचाव के उपाय>>मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात>>महिलाएं लेकर रहेगी अपना अधिकार- रेखा आर्या>>कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने हाईस्कूल परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल करने पर साक्षी को किया सम्मानित>>ईरान का नया दांव: अमेरिका से वार्ता के लिए तीन-चरणीय फॉर्मूला पेश>>‘स्पाइडर नोयर’ का ट्रेलर रिलीज, 27 मई को प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी सीरीज>>देहरादून में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 38 डिग्री के पार>>28 अप्रैल को मशाल जुलूस निकालेगी भाजपा>>127 इन्फैंट्री बटालियन (इकोलॉजिकल), गढ़वाल राइफल्स को मिला मुख्यमंत्री प्रशंसा सम्मान>>बदलते मौसम में बुखार को न लें हल्के में, मलेरिया का हो सकता है संकेत>>मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के टॉपर्स से की फोन पर बात, दी शुभकामनाएं>>विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारियां तेज, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक>>मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में सफल सभी विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं>>इंडियन प्रीमियर लीग 2026- दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला आज>>मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि>>उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट जारी, हाईस्कूल में 92.10% और इंटर में 85.11% छात्र सफल>>‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी सुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने लाख रुपये>>कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी उन्हें श्रद्धांजलि 
उत्तराखण्डदेहरादूनपर्यावरण

वन संरक्षण सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि इसमें पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी शामिल है : भूपेंद्र यादव

अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 

आकाश ज्ञान वाटिका, शनिवार, 21 मार्च 2026, देहरादून। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद – वन अनुसंधान संस्थान में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026 के अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” विषय के तहत मनाया जा रहा है। जो आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने और आजीविका को सहारा देने में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।

इस अवसर पर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से, 21-22 मार्च, 2026 को ICFRE, देहरादून में “वन-आधारित सतत जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना: मुद्दे और चुनौतियाँ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रकृति सर्वोपरि है और मानव अस्तित्व के लिए उसके साथ सह-अस्तित्व में रहना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि वन संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना ही नहीं है, बल्कि इसमें पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी शामिल है। उन्होंने वानिकी के प्रति समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान किया, और वन संसाधनों को बनाए रखने में सांस्कृतिक मूल्यों, ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी), और कार्बन क्रेडिट के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस बात के साथ किया कि वन केवल अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि शांति के लिए भी आवश्यक हैं।

इस अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के सचिव तन्मय कुमार; वनों के महानिदेशक एवं विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी; ICFRE की महानिदेशक कंचन देवी; और वनों के अतिरिक्त महानिदेशक (वन्यजीव) रमेश कुमार पांडे भी उपस्थित रहे।

वर्कशॉप में वन-आधारित जैव-उत्पाद और उनका व्यावसायीकरण, सतत वन प्रबंधन, नीतिगत ढाँचे, उद्यमिता, और जैव-अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में नवाचार की भूमिका जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह वन संसाधनों के सतत उपयोग को रेखांकित करता है, जिसका उद्देश्य मूल्य-वर्धित उत्पादों का निर्माण करना, स्थानीय आजीविका को सहारा देना और प्राकृतिक वनों पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है।

तकनीकी सत्रों में कृषि-वानिकी, गैर-काष्ठ वन उत्पाद, इंजीनियर्ड काष्ठ उत्पाद, वन उद्योग, कार्बन बाज़ार, वन्यजीव संरक्षण, इको-टूरिज़्म और डिजिटल निगरानी जैसे विषय शामिल हैं।

यह कार्यशाला पूरे देश से वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के हितधारकों और वन प्रबंधकों को एक मंच पर लाती है, ताकि भारत की वन-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने पर विचार-विमर्श किया जा सके; इसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख चुनौतियों की पहचान करना, अवसरों की तलाश करना और इस क्षेत्र में नीतिगत तथा रणनीतिक हस्तक्षेपों को दिशा देना है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!