Breaking News :
>>भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ>>घोलतीर के पास हाईवे पर पलटी कार, रुद्रप्रयाग पुलिस ने चालक को निकाला सुरक्षित बाहर>>धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया, रात में दिखेगा मनमोहक दृश्य>>मुख्यमंत्री धामी ने जनसुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 44.64 करोड़ रुपये की दी मंजूरी>>टीआरपी लिस्ट में फिर नंबर वन बना ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’, ‘अनुपमा’ दूसरे स्थान पर>>प्रशासन को जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए- ऋतु खण्डूडी भूषण>>मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर कर पेश किया गया- महाराज>>जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” : बड़ोलीबड़ी में बहुउद्देशीय शिविर सम्पन्न, 106 ग्रामीण हुए लाभान्वित>>श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन>>खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत>>हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी>>रसोई गैस के दाम बढाकर मोदी सरकार ने गरीब का चूल्हा बुझाने का किया है काम : ज्योति रौतेला>>दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही : किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना>>ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1>>संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है : ओम बिरला>>आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज>>पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी>>प्रेस टूर पर देहरादून पहुँचे ओडिशा के पत्रकारों के दल ने उत्तराखंड के राज्यपाल से की भेंट>>घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं : महाराज>>उत्तराखंड के हर ब्लॉक में बनेंगे मिनी स्टेडियम- मुख्यमंत्री धामी
आर्थिक गतिविधियाँ

ग्राहकों को कार्ड में मिलेगी स्विच ऑन और ऑफ की सुविधा : RBI

आने वाले दिनों में आप अपनी जरूरत के हिसाब से अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड को डिसेबल और इनेबल कर पाएंगे। रिजर्व बैंक ने इस संबंध में सभी बैंकों को निर्देश दिया है। इससे कार्ड का इस्तेमाल सुविधाजनक और ज्यादा सुरक्षित होगा। पिछले कुछ साल में देश में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ा है। लोग नकदी के स्थान पर क्रेडिट या डेबिट कार्ड के इस्तेमाल को लेकर जागरूक हो रहे हैं। इस बढ़ते कैशलेस लेनदेन के साथ ही डिजिटल फ्रॉड के मामले भी बढ़े हैं।

इस तरह के फ्रॉड पर लगाम लगाने की दिशा में रिजर्व बैंक का यह निर्देश बेहद कारगर साबित हो सकता है। इस निर्देश के तहत सभी नए कार्ड में केवल देश के भीतर किसी पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) या एटीएम पर स्वाइप करते हुए इस्तेमाल की सुविधा ही इनेबल रहेगी। नया कार्ड ऑनलाइन या कॉन्टेक्टलेस लेनदेन में प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। लेनदेन के अन्य तरीकों में इस्तेमाल के लिए बाद में ग्राहक खुद ही कार्ड को इनेबल कर सकेंगे।

ग्राहक अपनी जरूरत को देखते हुए यह भी तय कर सकेगा कि कब किस माध्यम से कार्ड की कितनी लिमिट का इस्तेमाल किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर किसी क्रेडिट कार्ड की लिमिट चाहे जितनी हो, ग्राहक अपने हिसाब से यह तय कर सकेगा कि लिमिट का कितना हिस्सा ऑनलाइन या किसी अन्य माध्यम से लेनदेन में इस्तेमाल हो। देश या देश के बाहर लेनदेन के सभी माध्यमों के लिए लेनदेन की अलग-अलग लिमिट तय करने की सुविधा रहेगी। रिजर्व बैंक की ओर से जारी इस सकरुलर के निर्देश प्रीपेड गिफ्ट कार्ड या मास ट्रांजिट सिस्टम पर इस्तेमाल होने वाले कार्ड के मामले में बाध्यकारी नहीं होंगे।

आसानी से उपलब्ध होगी सुविधा

रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि कार्ड के इस्तेमाल की लिमिट तय करने से लेकर उसे इनेबल या डिसेबल करने तक की सभी सुविधाएं ग्राहक को मोबाइल एप्लीकेशन, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम या आइवीआर के जरिये उपलब्ध कराई जाएं। यहां तक कि ग्राहकों को बैंक शाखाओं में जाकर भी अपना कार्ड इनेबल या डिसेबल कराने की सुविधा मिलेगी। कार्ड के स्टेटस में किसी भी बदलाव के तुरंत बाद ग्राहक को एसएमएस या ईमेल से अलर्ट देना भी बैंकों की जिम्मेदारी रहेगी।

तीन श्रेणियों में बांटा गया है लेनदेन का तरीका

कार्ड को इनेबल या डिसेबल करने के मामले में लेनदेन के तरीकों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहला, कार्ड नॉट प्रजेंट यानी ऑनलाइन लेनदेन, दूसरा, कार्ड प्रजेंट यानी कार्ड को स्वाइप करते हुए इस्तेमाल करना और तीसरा, कॉन्टेक्टलेस यानी कार्ड को स्वाइप किए बिना होने वाला लेनदेन। कार्ड नॉट प्रजेंट के मामले में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के लेनदेन को इनेबल या डिसेबल करने का विकल्प मिलेगा। कार्ड प्रजेंट के मामले में घरेलू लेनदेन एक्टिव रहेगा लेकिन अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को इनेबल या डिसेबल करने की सुविधा रहेगी। कॉन्टेक्टलेस लेनदेन भी इनेबल या डिसेबल किया जा सकेगा, जो एक साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों जगहों पर लेनदेन के मामले में प्रभावी रहेगा।

मौजूदा कार्ड भी होंगे डिसेबल

अभी जिस कार्ड को कभी ऑनलाइन (कार्ड नॉट प्रजेंट), अंतरराष्ट्रीय या कॉन्टेक्टलेस लेनदेन में इस्तेमाल नहीं किया है, उस मौजूदा कार्ड को भी बैंकों को अनिवार्य रूप से डिसेबल करना होगा। जरूरत होने पर यूजर इन सुविधाओं को इनेबल करा सकेंगे।

कुछ बैंक दे रहे हैं सुविधा

एक्सिस बैंक, आइसीआइसीआइ और आरबीएल जैसे कुछ बैंक अपने ग्राहकों को इस तरह की सुविधा दे रहे हैं। ग्राहक इन बैंकों के मोबाइल एप का इस्तेमाल करते हुए कार्ड के उपयोग को नियंत्रित कर सकते हैं।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!