Breaking News :
>>केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, सोनम वांगचुक होंगे जेल से रिहा>>मुख्यमंत्री धामी ने सपरिवार मनाया लोकपर्व फूलदेई, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं>>एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर- इटली को हराकर भारत पहुंचा फाइनल में>>राम गोपाल वर्मा ने किया ‘सरकार 4’ का ऐलान, जल्द शुरू होगी फिल्म की शूटिंग>>योग वह दिव्य चेतना है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दी- सीएम धामी>>महिलाओं को न्याय दिलाने का हमारा संकल्प निरंतर रहेगा जारी- कुसुम कंडवाल>>गणेशपुर में 30 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर>>सीआईएमएस एवं यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज : चार दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य समापन>>दो जरूरतमंद महिलाओं को सीएसआर फंड से मिली एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता>>अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही आयुष औषधियों की मांग, उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण जरूरी- त्रिवेन्द्र>>20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी>>दुबई में तेज धमाकों से मचा हड़कंप, आसमान में उठा काले धुएं का गुबार>>सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित>>भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ>>घोलतीर के पास हाईवे पर पलटी कार, रुद्रप्रयाग पुलिस ने चालक को निकाला सुरक्षित बाहर>>धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया, रात में दिखेगा मनमोहक दृश्य>>मुख्यमंत्री धामी ने जनसुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 44.64 करोड़ रुपये की दी मंजूरी>>टीआरपी लिस्ट में फिर नंबर वन बना ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’, ‘अनुपमा’ दूसरे स्थान पर>>प्रशासन को जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए- ऋतु खण्डूडी भूषण>>मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर कर पेश किया गया- महाराज
उत्तराखण्डताज़ा खबरें

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिज़ाज, हेमकुंड समेत देवभूमि की ऊँची चोटियों पर हुआ हिमपात

आकाश ज्ञान वाटिका, 23 अप्रैल 2021, शुक्रवार, नई दिल्ली। उत्तराखंड में लगातार चौथे दिन शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। चारधाम समेत औली और आसपास की चोटियों में हिमपात हुआ। जबकि, मसूरी, चकराता समेत कई इलाकों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि और मैदानों में तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।

मौसम ने करवट बदली और दून समेत मैदानी इलाकों में तेज हवाएं चलने लगी। जबकि, मसूरी, चकराता और आसपास के इलाकों में जोरदार ओलावृष्टि हुई। यहां लाल टिब्बा, गनहिल, चारदुकान, मलिंगार, कुलड़ी बाजार, मालरोड, लाइब्रेरी बाजार में ओलावृष्टि से सफेद चादर बिछ गई। वहीं, चारधाम, हेमकुंड साहिब, औली, हर्षिल समेत चोटियों पर हिमपात हुआ। चमोली में कई जगह बारिश और ओलावृष्टि के दो से तीन दौर हुए। बर्फबारी के चलते हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर सेना के जवानों को बर्फ हटाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिसके चलते मार्ग पर कार्य बंद करना पड़ा।

औली में भी दो इंच से अधिक बर्फबारी हुई। इसी तरह देवस्थानम बोर्ड के कर्मचारी भी बदरीनाथ धाम में यात्रा व्यवस्था के लिए पहुंच चुके हैं। यहां भी रुक रुककर बर्फबारी होने से कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। फूलों की घाटी के अलावा ऊंची चोटियों पर भी लगातार बर्फबारी हो रही है।

उधर, कुमाऊं के सभी जिलों में बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक बारिश का दौर जारी रहा। पिथौरागढ़ जिले में उच्च हिमालय और कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में छियालेख, गुंजी से आगे व मुनस्यारी के खलियाटॉप तक हिमपात हुआ है।

देहरादून समेत प्रदेश के ज्यादातर शहरों में बारिश के कारण तापमान ने भी गोता लगाया है। दून में अधिकतम पारा सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। जबकि, अन्य शहरों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मसूरी, नैनीताल समेत अन्य पर्वतीय नगरों में बारिश के कारण पारे ने गोता लगाया, जिससे यहां सुबह-शाम ठिठुरन लौट आई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश के देहरादून, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत जिले में कहीं-कहीं ओलावृष्टि व बारिश हो सकती है। जबकि, मैदानी इलाकों में झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

उत्तरकाशी जिले में पिछले तीन घंटे से लगातार हो रही है बारिश। गंगोत्री, यमुनोेत्री, हर्षिल घाटी, हरकीदून घाटी में बर्फबारी हो रही है। बेमौसम बारिश से सबसे अधिक नुकसान सेब की बागवानी और गेहूं की खड़ी फसल को हुआ है। इसी बीच ओलावृष्टि ने भी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. पंकज नौटियाल कहते हैं कि यह समय सेब, नास्पाति की फ्लावरिंग का है। 22 मार्च से लेकर 30 अप्रैल तक सेब के पेड़ों में परागण क्रिया होती है। इसलिए इस समय बारिश और बर्फबारी बिल्कुल भी सही नहीं हैं।

इस दौरान हर्षिल घाटी में अधिकतम तापमान 15 से 20 डिग्री के बीच रहना चाहिए। लेकिन, वर्तमान में हर्षिल घाटी में अधिकतम तापमान 5 से 6 डिग्री से अधिक नहीं है। इस तापमान में मधुमक्खी ठहर नहीं पाती हैं।  परागण क्रिया में मधुमक्खी का बहुत बड़ा योगदान होता है। मधुमक्खी के न ठहरने से परागण क्रिया नहीं हो पाती है। इसका असर सीधे फल उत्पादन पर पड़ेगा। इन दिनों जो तापमान हर्षिल में होना चाहिए था वह मौसम उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के आसपास है। शुक्रवार को उत्तरकाशी जिला मुख्यालय का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!